![]()
बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय और महर्षि बालार्क चिकित्सालय में बुधवार दोपहर आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। करीब दो घंटे चले कार्यक्रम का उद्देश्य आकस्मिक आपदा या आपात स्थिति में अस्पताल की तैयारियों का आकलन करने के साथ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना रहा। एनडीआरएफ की 11वीं टीम के इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कांस्टेबल नवीन कुमार, जितेंद्र कुमार, इंद्रा नारायण और रमेश ने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को आपदा की स्थिति में बचाव, राहत और नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। मॉक ड्रिल के दौरान संभावित आपातकालीन परिस्थितियों का अभ्यास कर अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की तैयारियों को परखा गया। मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा पर जोर अभ्यास में कर्मचारियों ने तत्परता, अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक आपदा की स्थिति में मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा, नोडल अधिकारी डॉ. अनूप कुमार, डॉ. अमर सिंह, नर्सिंग अधीक्षिका पूनम वर्मा और अस्पताल प्रबंधक रिजवान समेत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी और पूर्व सैनिक कल्याण निगम के जवान मौजूद रहे। नियमित प्रशिक्षण से बढ़ेगी आपदा से निपटने की क्षमता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रो. संजय खत्री ने मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाने जरूरी हैं। इससे कर्मचारियों में बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय लेने और संकट की स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता विकसित होती है। अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में भी आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के माध्यम से मेडिकल कॉलेज ने आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को लगातार मजबूत करने का संदेश दिया।
Source link
बहराइच मेडिकल कॉलेज में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल:एनडीआरएफ ने सिखाए बचाव और राहत के तरीके