Mumbai Auto Taxi Drivers Marathi Rule

मुंबई2 मिनट पहले

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मुंबई में बुधवार 19 अगस्त को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि गुरुवार 20 अगस्त से ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ अभियान शुरू होगा। यह कार्रवाई उन ड्राइवरों पर होगी, जिन्हें मराठी का कामचलाऊ ज्ञान नहीं है।

जिन ड्राइवरों के पास मराठी का जरूरी प्रमाणपत्र या कामचलाऊ ज्ञान नहीं होगा, उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी नियम का पालन नहीं करने पर उनका लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

तीन महीने बाद लाइसेंस रद्द करने का आदेश

सरनाईक ने पत्रकारों से कहा, “अगर कोई ड्राइवर तीन महीने बाद भी ऐसा करने में नाकाम रहता है, तो उसका लाइसेंस और बैज रद्द करने के आदेश जारी किए जाएंगे।”

मंत्री के मुताबिक, पूरे महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ महीनेभर चलने वाले अभियान की अगुआई अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ करेंगे।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की फ्लाइंग स्क्वॉड को जांच करने और संशोधित नियमों को लागू कराने के निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिए गए हैं। जांच की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी।

पहले मराठी सीखने का मौका देने की बात कही थी

सरनाईक ने मंगलवार को संशोधित मोटर वाहन नियमों के प्रावधान का हवाला देते हुए कहा था कि राज्यभर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को दंडात्मक कार्रवाई से पहले मराठी सीखने का मौका दिया जाएगा।

हालांकि, इस बयान से राज्य के उन कमर्शियल यात्री वाहन ड्राइवरों की चिंता दूर नहीं हुई, जो देश के दूसरे हिस्सों से आए हैं और मराठी में दक्ष नहीं हैं।

महाराष्ट्र में गैर-मराठी ड्राइवरों को डर है कि मराठी के अनिवार्य नियम में “कामचलाऊ ज्ञान” की शर्त साफ नहीं होने के कारण उनकी रोजी-रोटी जा सकती है। राज्य सरकार ने उन्हें सीखने के लिए पर्याप्त समय देने की बात कही है, जिसमें परमिट रद्द करने से पहले 30 दिन का नोटिस भी शामिल है।

सेवा सारथी ऑटो-रिक्शा टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता डीएम गोसावी ने कहा, “राज्य सरकार ने मराठी का कामचलाऊ ज्ञान अनिवार्य किया है, लेकिन कामचलाऊ ज्ञान में क्या शामिल होगा, यह साफ नहीं किया गया है।”

उन्होंने कहा कि इस अस्पष्टता से आरटीओ में भ्रष्टाचार बढ़ेगा और ड्राइवरों से आर्थिक शोषण होगा। राज्य में कमर्शियल यात्री वाहन चलाने वाले ड्राइवरों का एक बड़ा हिस्सा देश के दूसरे राज्यों से आया है और उन्हें मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं है।

नियम तोड़ने पर लाइसेंस और परमिट रद्द हो सकते हैं

हाल ही में संशोधित राज्य मोटर वाहन नियमों के तहत ड्राइवरों को मराठी का “कामचलाऊ ज्ञान” हासिल करने के लिए एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर तीन महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है और बाद में उनके संचालन परमिट रद्द किए जा सकते हैं।

सरनाईक ने मंगलवार को कहा था कि महाराष्ट्र में चलने वाले करीब छह लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा सीखने की पहल में शामिल किया जाएगा। इसका खास असर मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में काम करने वाले ड्राइवरों पर होगा।

उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले शुरू की गई मराठी सीखने की पहल में देशभर से 1.65 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं।

सरनाईक ने कहा, “इस पहल के बाद पूरे महाराष्ट्र से 1,65,601 ड्राइवर आगे आए हैं।” उन्होंने बताया कि मराठी भाषा विभाग, परिवहन विभाग और दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर इस पहल को मजबूत करेगा।

शिवसेना विधायक सरनाईक ने अभियान की वजह बताते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि लोग मराठी भाषा सीखें। इसी वजह से इस परियोजना को जारी रखने का फैसला किया गया है।

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