यति नरसिंहानंद बोले- मुस्लिम PM बनने में 20 साल लगेंगे:जिहादी 40 प्रतिशत हिंदु मर्दों का कत्ल करेंगे, बहन बेटियों को बलात्कार के बाद मंडियो में बेच देंगे


शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महांमडलेश्वर नरसिंहानंद गिरी ने आज बुधवार को फिर विवादित बयान दिया है। इसके साथ ही कहा कि मेरे शिष्यों का एक समूह देश के हिंदु धर्मगुरुओं से मिलकर उन्हें सनातन वैदिक राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस मौके पर महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी, यति यतींद्रानंद गिरी तथा छोटे नरसिंहानंद अनिल यादव भी मौजूद रहे। जल्द देश का प्रधानमंत्री मुस्लिम होगा यति नरसिंहानंद ने कहा- भारतवर्ष में जनसंख्या की गणितीय गणनाओं से यह लगभग तय हो चुका है कि बहुत जल्दी भारत का प्रधानमंत्री मुस्लिम होगा। जिसके बाद सनातन धर्मावलंबियों के पास नाम मात्र के लिये भी कोई देश नहीं रह जायेगा। इस्लाम के क्रूरतापूर्ण इतिहास को देखते हुए यह भी तय है कि भविष्य में भारत पर यदि इस्लाम का कब्जा हुआ तो इस्लाम के जिहादी कम से कम लगभग 40 प्रतिशत हिन्दू मर्दों का कत्ल करके लगभग 50 प्रतिशत हिन्दू मर्दों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर देंगे। उसके बाद 10% हिन्दू मर्द जो बचेंगे वो या तो विदेशों में रहेंगे या कहीं शरणार्थी शिविर में रहेंगे।हमारी सारी बहन बेटियों की केवल एक ही गति होगी। इस्लाम के जिहादी उन्हें सामूहिक बलात्कार के बाद उन्हें अपने पास रखेंगे या मंडियो में बेच देंगे। यतिनरसिंहानंद के बारे में जानिए मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने में 20 साल लगेंगे यति ने आगे कहा- हिन्दू समाज और सनातन धर्म के विनाश की यह सम्पूर्ण प्रक्रिया भारत का मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने के केवल लगभग 20 वर्षों में ही पूर्ण हो जाएगी। इस सारे महाविनाश के उत्तरदायी हम अर्थात सनातन के धर्मगुरु होंगे। क्योंकि सर्वाधिक प्राचीन धर्म व संस्कृति के वाहक ही होने के कारण ये हमारा ही दायित्व था कि हम विश्व को इस भयानक खतरे के विषय में बताते और इससे निबटने की भी तैयारी करते पर हमने ये नहीं किया और इसका परिणाम यह हुआ है कि आज सम्पूर्ण विश्व इस महाविनाश के कगार तक पहुँच गया है। इस्लामिक राज के आने पर इस्लाम से शांति की आशा रखने वाले ना केवल मूर्ख बल्कि अपने कुल और धर्म के घाती भी समझे जाने चाहिये। हमारा कोई देश नहीं है। यदि हमारा अपना कोई देश होता तो हमारी ये अभूतपूर्व दुर्गति नहीं हुई होती। धर्म आत्मा होता है तो राष्ट्र उसका शरीर होता है। आज विश्व के ईसाइयों के सर्वाधिक देश हैं। 56 देश मुसलमानों के हैं। बौद्धों के भी अपने देश हैं। यहां तक कि यहूदियों का भी एक देश है। हम 100 करोड़ सनातनियों का दुर्भाग्य है कि हमारा अपना देश कहने के लिए हमारे पास एक इंच भी जगह नहीं है। हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार यति ने कहा कि इसी कारण आज तक दुनिया के इतने हिंदुओं के नरसंहार हुए पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कहीं इनका कोई जिक्र तक नहीं हुआ। हमें अपने धर्म,अपनी संस्कृति और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए एक अपना देश,अपना राष्ट्र चाहिए। हमें ऐसा एक राष्ट्र चाहिए जिसमें एक भी मस्जिद, एक भी मदरसा, एक भी मजार और एक भी मुसलमान न हो। ऐसा राष्ट्र बनाए बिना अब हमारा धर्म,हमारी संस्कृति और हमारा अस्तित्व बहुत दिन तक नहीं बच सकता। यह राष्ट्र सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के अनुरूप होना चाहिए। एक बात हम सबको समझ लेनी चाहिए कि राष्ट्र भीख मांगकर नहीं मिलते, बल्कि राष्ट्र बनाने के लिए बलिदान देने होते हैं।

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