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KGMU ट्रॉमा सेंटर से मरीजों को फंसाने वाले तीन दलालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
KGMU ट्रॉमा सेंटर में सोमवार और मंगलवार को दलालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। मरीजों और उनके तीमारदारों से दवा उपलब्ध कराने के नाम पर कथित तौर पर रकम वसूलने का मामला सामने आया। साथ ही मरीज को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने वाला दलाल धरा गया है। ट्रॉमा से
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दलाली करने वाले तीनों संदिग्ध ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों पर नजर रखते थे। जरूरतमंद मरीज या तीमारदारों से मिलते थे। उन्हें सस्ती दर पर दवाएं व निजी अस्पताल में बेड दिलाने का दावा करते थे। पुलिस ने दवा की दलाली के आरोप में ऋषभ और फैज को पकड़ा है। दोनों के तार मेडिकल चौराहा स्थित एक निजी मेडिकल स्टोर से हैं। बदले में मेडिकल स्टोर व नर्सिंग होम से कमीशन लेते थे। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस गतिविधि में और कितने लोग शामिल हैं।
मरीज की जरूरत को बनाते थे कमाई का जरिया
ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टरों की ओर से लिखी गई दवाइयां तत्काल उपलब्ध कराने की जरूरत होती है। ऐसे में मरीज के तीमारदारों को दवा की जरूरत बताकर उनसे संपर्क करते थे। दवा दिलाने के नाम पर रकम ली जाती थी।
मेडिकल स्टोर तक नेटवर्क
पुलिस के सामने जांच का अहम बिंदु यह है कि ट्रॉमा सेंटर के अंदर मरीजों तक पहुंच बनाने वाले दोनों संदिग्धों का मेडिकल चौराहा स्थित निजी मेडिकल स्टोर से क्या संबंध था। पुलिस यह पता कर रही है कि क्या दोनों किसी मेडिकल स्टोर के लिए नियमित रूप से मरीजों से संपर्क करते थे या दवाओं की बिक्री पर उन्हें कमीशन मिलता था। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि इस कथित नेटवर्क में ट्रॉमा सेंटर के बाहर और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
पहले भी उठते रहे हैं दलाली के सवाल
ट्रॉमा में मरीजों की भारी भीड़ रहती है। दूर-दराज से आने वाले मरीज और उनके तीमारदार इलाज की प्रक्रिया से अनजान होने के कारण आसानी से ऐसे लोगों के झांसे में आ सकते हैं। इसी वजह से ट्रॉमा सेंटर परिसर में सक्रिय संदिग्ध लोगों और बाहरी मेडिकल स्टोरों के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। उनके मोबाइल फोन, मरीजों से संपर्क और मेडिकल स्टोर से कथित संबंधों की जांच के बाद ही नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल दोनों पर लगे आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
मरीजों को फुसलाकर निजी अस्पताल भेजने वाला गिरफ्तार
ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भेजने के कथित खेल का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ट्रॉमा चौकी इंचार्ज आशुतोष कुमार की कार्रवाई में पुलिस ने दलाली के आरोप में शावेज को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान निराला नगर, मदेयगंज निवासी शावेज के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों और तीमारदारों को गुमराह कर निजी अस्पतालों में इलाज के लिए शिफ्ट कराने का काम करता था। इसके बदले नर्सिंग होम से मोटा कमीशन लेता था।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रॉमा सेंटर से मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए कौन-कौन लोग सक्रिय थे। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।