सीएम योगी ने मंगलवार को दिल्ली में जापानी डेलीगेशन से मुलाकात की। उन्होंने जापानी गवर्नर कोटारो नागासाकी का बर्थडे सेलिब्रेट किया। सीएम ने उन्हें भगवान गणेश की मूर्ति भेंट की।
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इस दौरान सीएम ने जापानी में भी बोले। उन्होंने कहा- मित्रों, जापान में एक अत्यंत सुंदर फिलॉसफी है- ‘इचिगो इचिए’, यानी हर पल और हर मुलाकात अद्वितीय है। आज की यह संध्या भी हमारे लिए यही भाव रखती है। अपने संबोधन के आखिर में उन्होंने जापानी में कहा- अरिगातो गोजैमासु। यानी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
दरअसल, 18 अगस्त से शुरू हुई ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ 23 अगस्त तक चलेगी। यह दिल्ली और लखनऊ में आयोजित हो रही है। इसमें जापान के 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति और कई कंपनियों के सीईओ हिस्सा लेंगे।

दिल्ली में यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में सीएम योगी के साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जितिन प्रसाद, यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना और नंद गोपाल नंदी भी मौजूद रहे।
योगी की 2 बड़ी बातें पढ़िए
1-‘भारत-जापान के प्राचीन संबंध, इनमें बुद्ध की करुणा’
जापान को उगते सूर्य की भूमि कहा जाता है। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश की भूमि है। यहां भगवान श्रीराम की अयोध्या है। यूपी के सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था। यहीं उनकी महापरिनिर्वाण की भूमि कुशीनगर भी है। भारत और जापान के जो प्राचीन संबंध हैं, इनमें बुद्ध की करुणा है, जीवन का अनुशासन है और मध्यम मार्ग भी है। यही हमारे दोनों देशों के साझा मूल्य भी हैं।
2-‘भगवान बुद्ध की शिक्षाएं सदियों पहले यूपी से जापान पहुंचीं’
सीएम ने कहा- भगवान बुद्ध की शिक्षाएं सदियों पहले उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि से जापान पहुंचीं। 752 ईस्वी में नारा के तोदाई-जी मंदिर में विशाल बुद्ध प्रतिमा के नेत्रोन्मीलन समारोह में भारतीय आचार्य बोधिसेन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह प्राचीन समय में भारत और जापान के गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का प्रमाण है।
सीएम ने कहा- भारत और जापान के सदियों पुराने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और जन-जन के संबंध आज आधुनिक रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के नेतृत्व ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
सीएम ने क्रांतिकारी रासबिहारी बोस का भी जिक्र किया। उन्होंने ब्रिटिश शासन से बचकर जापान में शरण ली थी और बाद में जापान से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया। जापान के साथ संबंधों में उनकी भूमिका के सम्मान में उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ द राइजिंग सन’ से सम्मानित किया गया।

सीएम ने कहा-भारत और जापान के सदियों पुराने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और जन-जन के संबंध आज आधुनिक रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट के बारे में जानिए
1- 2,025 करोड़ लगाएगी एस्कॉर्ट्स कुबोटा, 3,800 से ज्यादा लोगों को रोजगार
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में जापानी कंपनियों के लिए बड़ा औद्योगिक केंद्र तैयार हो रहा है। YEIDA के सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा कंपनी ₹2,025 करोड़ का निवेश करेगी। यहां ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन उपकरण और दूसरे सामान बनाए जाएंगे। इससे 3,800 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
2- मिंडा की दो परियोजनाओं में ₹1,166 करोड़ का निवेश
मिंडा कॉरपोरेशन YEIDA के सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं लगाएगी। इनमें कुल ₹1,166 करोड़ का निवेश होगा। इन परियोजनाओं से करीब 6,440 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यहां इग्निशन स्विच, स्टीयरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक सामान, वायरिंग हार्नेस और कनेक्शन सिस्टम बनाए जाएंगे। एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा की परियोजनाओं से कुल ₹3,191 करोड़ का निवेश होगा। इनसे 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
2- 500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी
योगी सरकार YEIDA में 500 एकड़ जमीन पर जापानी सिटी बनाने की योजना पर काम कर रही है। यहां जापानी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर और छोटे सहायक उद्योग भी लगाए जाएंगे। इससे कंपनियों को जरूरी सामान आसानी से मिल सकेगा। साथ ही नई तकनीक, सप्लाई चेन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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बृजभूषण बरी होने के बाद पहली बार शाह-प्रधान से मिले:पहलवान विनेश बोलीं- वो घटिया व्यक्ति, मुझे उसकी बात करना पसंद नहीं

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न केस में बरी होने के बाद भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पार्टी नेताओं से मिलना शुरू कर दिया है। मंगलवार शाम 4 बजे उन्होंने पहली बार दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। बृजभूषण ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। पढ़ें पूरी खबर