![]()
प्रयागराज में गंगा यमुना का जलस्तर सोमवार को तेजी से बढ़ा है।संगम स्थित संगम नोज जलमग्न है। वहीं रामघाट,संगम पक्का घाट, वीआईपी घाट, किला घाट, दशाश्वमेध घाट,सरस्वती घाट और अरैल घाट पर पानी आ गया है। गंगा नदी के सभी प्वाइंटों पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिसमें फाफामऊ पर जलस्तर 79.47 मीटर है, जिसमें 28 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है। वहीं छतनाग स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 78.15 मीटर पहुंचा यानी 74 सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ दर्ज हुई। 3 तस्वीरें देखिए… स्थानीय लोगों ने कहा कि एक दिन पहले जलस्तर काफी नीचे था। लेकिन बीती रात बहुत तेजी से बढ़ा। घाट पर लगे तंबूओं में पानी भर गया। मेन सड़क से पानी कुछ ही दूरी पर है। वहीं कुछ लोग अपनी दुकानें और शिविर को उखाड़कर ऊपर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। नाविक ब्रिजेश कुमार निषाद ने बताया कि कल गंगा जी वहां पेड़ के पीछे थीं। जो काफी तेज में बढ़ रही हैं। इस समय सड़क के करीब आ गईं। हम लोग नाव वाले नाव चलाते हैं, दुकान भी अपनी लगी थी। दुकान हटा लिए हैं। महावीर पंडा ने बताया पानी एक रोज में बहुत तेजी से आ गया। यहां का सामान सब हटाना पड़ेगा। कब यहां पर डूब जाए। इसलिए सामान हम लोग हटा के जल निगम के सामने परेड ग्राउंड में जा रहे हैं। जब गंगा जी घटेंगी तो वापस आएंगे। पहले तो यहां टीले बने थे ऊंचे-ऊंचे, जब से कुंभ से वो बराबर हो गया तो पानी तेजी से आ जाता है। और पीछे से राम घाट के वहां से पहले घुसता है, इधर से आ जाता है। प्रशासन का कहना है कि पिछले 24 घंटों में जलस्तर का कुल अंतर सेंटीमीटर में नापा गया, पर वह अभी भी संभावित खतरे के स्तर से नीचे है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की है। साथ ही पशुओं को सुरक्षित ऊंची जगह पर ले जाने और स्थानीय आपदा प्रबंधन केंद्रों से संपर्क में रहने को कहा गया है। नगर निगम व जल आपदा टीमों ने नियमित गश्त तेज कर दी है और आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर व सहायता की व्यवस्था तुरंत सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
Source link
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा:संगम के रामघाट तक पहुंचा पानी, दुकानें-शिविर खाली हो रहे