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आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाने पर तैनाश सब इंस्पेक्टर मयंक कृष्ण उपाध्याय को पासपोर्ट सत्यापन के मामले में रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार निलंबित करने के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया है। सब इंस्पेक्टर मयंक क्राइस्ट उपाध्याय के विरुद्ध पासपोर्ट सत्यापन में जांच रिपोर्ट लगाने के मामले में रिश्वत मांगने का आरोप लगा था जब इसकी जांच कराई गई तो मामला सच पाया गया। सब इंस्पेक्टर के इस मृत से पुलिस की छवि धूमिल हो रही थी ऐसे में सब इंस्पेक्टर की अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता के आरोप लगे। जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के निलंबन का यह कोई पहला मामला नहीं है। 9 मई थाने पर तैनात रहे सिपाही से सब इंस्पेक्टर बन परमात्मा यादव के विरुद्ध भी रिश्वतखोरी की शिकायत मिली थी जिसके आधार पर सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा गया था। परमात्मा यादव पर ₹10000 लेकर मकान के निर्माण को रुकवाने के आरोप लगे थे। जब मामले की जांच कराई गई तो मामला सच पाया गया था जिसके आधार पर निलंबित करने के साथ-साथ जेल भी भेजा गया था। सब इंस्पेक्टर परमात्मा यादव ने थाने के प्रभारी राजेश कुमार सिंह के ऊपर भी गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही थाने पर तैनात एक आरक्षी पर अपराधियों से मिली भगत के भी आरोप लगे थे जिसके आधार पर आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया था। जिले में आर्थिक अपराध में लिप्त, अपराधियों से सांठ गांठ करने के आरोपी और अनुशासनहीन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं सराहनीय काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जा रहा है। 60 दिनों के भीतर 30 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। एसएसपी ने दी पुलिस कर्मियों को सख्त चेतावनी आजमगढ़ के एसएसपी डॉ अनिल कुमार की ओर से जनपद के सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने पदीय दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता या स्वेच्छाचारिता पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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पासपोर्ट सत्यापन में रिश्वत मांगने पर सब इंस्पेक्टर निलंबित:आजमगढ़ एसएसपी ने दिए विभागीय जांच के निर्देश, सामने आया अनुशासनहीनता का मामला