अभिषेक सिंह | सीतापुर4 मिनट पहले
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सीतापुर में संदना थाना क्षेत्र के बहुचर्चित मानसी हत्याकांड में शनिवार शाम 6 बजे पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। घटना के करीब 69 दिन बाद जांच में लापरवाही और पुलिस कार्रवाई में अनियमितता सामने आने पर संदना थाना प्रभारी मानपाल सिंह, हल्का इंचार्ज कृष्ण बिहारी चौबे समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसपी अंकुर अग्रवाल ने स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर यह कार्रवाई की।
25 मई को लापता हुई थी मानसी
संदना क्षेत्र निवासी मानसी 25 मई 2026 को लापता हुई थी। परिजनों और पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। 6 जून को लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में किसान पथ के पास जंगल से मानसी का कंकालनुमा शव बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था।

दो आरोपी जेल में
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। इसके बाद संदना निवासी विशाल पाल और उसकी बहन शिवानी पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों आरोपी वर्तमान में जेल में हैं।
जांच में पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
मानसी हत्याकांड की जांच और पुलिस की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अधिकारियों के स्तर से कराई गई जांच के बाद संदना थाने की पुलिस पर कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग के अनुसार, जांच के दौरान लापरवाही और अनियमितताएं सामने आने पर पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
थाना प्रभारी समेत 5 लाइन हाजिर
कार्रवाई की जद में संदना थाना प्रभारी मानपाल सिंह, हल्का इंचार्ज कृष्ण बिहारी चौबे, कांस्टेबल विजय चौधरी, कांस्टेबल शिव शंकर गुप्ता और कांस्टेबल ललित मोहन आए हैं। सभी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
आरोपी के हाफ एनकाउंटर से भी है मामला
मानसी हत्याकांड के दौरान आरोपी विशाल पाल के कथित हाफ एनकाउंटर की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद मामला और चर्चित हो गया था। अब पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई के बाद विभाग में भी हलचल बढ़ गई है।
साइबर थाना प्रभारी को मिली नई जिम्मेदारी
संदना थाने की नई जिम्मेदारी साइबर थाना प्रभारी प्रिंस सोमवार को सौंपी गई है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने कहा कि मामले में लापरवाही सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
