मऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मौन जुलूस:मंत्री एके शर्मा बोले- विभाजन की पीड़ा को याद रखना हमारा दायित्व


मऊ में नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में शुक्रवार शाम 7:30 बजे विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कार्यक्रम हुआ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और घर-परिवार व मातृभूमि से विस्थापित हुए परिवारों को श्रद्धांजलि दी। विभाजन की पीड़ादायक स्मृतियां आज भी जीवित मंत्री एके शर्मा ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को हुए देश के विभाजन की पीड़ादायक स्मृतियां आज भी करोड़ों लोगों के मन में जीवित हैं। विभाजन के दौरान लाखों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोगों को घर, जमीन और संपत्ति छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने इसे इतिहास की बेहद पीड़ादायक मानवीय त्रासदी बताया। संघर्ष और बलिदान को याद रखना जरूरी एके शर्मा ने कहा कि देश स्वतंत्रता दिवस मनाता है, लेकिन आजादी से पहले देशवासियों ने जिन कठिन परिस्थितियों और पीड़ाओं का सामना किया, उन्हें भी याद रखना जरूरी है। जिन लोगों का जीवन अचानक बदल गया और जिन्हें अपने घर छोड़ने पड़े, उनकी पीड़ा को समझना और उन्हें श्रद्धांजलि देना हमारा दायित्व है। नई पीढ़ी तक पहुंचाना है इतिहास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर पिछले कई वर्षों से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों की पीड़ा और संघर्ष की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता, आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री एके शर्मा समेत मौजूद लोगों ने विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मंत्री के नेतृत्व में नगर पालिका कम्युनिटी हॉल से मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस में जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल मौन जुलूस में जिला भाजपा अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी अमरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पदाधिकारी और नागरिक शामिल हुए। जुलूस के दौरान विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही राष्ट्रीय एकता, अखंडता, आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया गया।

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