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हाथरस में 12 वर्ष पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में एडीजे कोर्ट 5 विजय कुमार द्वितीय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अर्थदंड में से 75 हजार रुपये घायल को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएं। यह मामला वर्ष 2014 में थाना हसायन में दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी मुकेश उर्फ वकील और सत्ते, जो गांव रसूलपुर, थाना हसायन के निवासी हैं, ने टेकशन पाल पर हमला किया था। इस हमले के बाद घायल की हालत गंभीर हो गई थी, जिसके चलते उसे उच्च चिकित्सा केंद्र में उपचार के लिए ले जाया गया था। कोतवाली हाथरस जंक्शन में 14 मई 2014 को गांव बघराया निवासी महेंद्र सिंह ने अपने दामाद सत्ते और उसके साथी मुकेश उर्फ वकील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महेंद्र सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 9 मई 2014 को वह लहसुन बेचकर एटा से वापस लौटे थे। उसी शाम उन्हें पता चला कि मुकेश उनके बेटे तीक्षण पाल को यह कहकर ले गया था कि उसके बहनोई सत्ते ने बुलाया है। महेंद्र सिंह के अनुसार, अगले दिन उनके दामाद सत्ते ने उनके बेटे को गंभीर हालत में गांव में छोड़ दिया था। तीक्षण पाल के साथ मारपीट की गई थी और उसके सिर में गंभीर चोटें थीं। उसे उपचार के लिए आगरा से दिल्ली रेफर किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 के तहत प्राथमिकी दर्ज की और जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सत्र परीक्षण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोनों को धारा 308 सहपठित धारा 34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया।
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12 साल पुराने जानलेवा हमले में दो दोषी:हाथरस कोर्ट ने 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार का जुर्माना लगाया