चित्रकूट में जल जीवन मिशन की प्रगति:339 गांवों में नियमित जलापूर्ति, 238 में हर घर जल प्रमाणीकरण, DM ने की समीक्षा


चित्रकूट में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बताया गया कि जिले के 339 गांवों में अब नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है, जबकि 238 गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में नमामि गंगे के अधिकारियों के साथ जल निगम, विद्युत विभाग, कार्यदायी संस्थाओं, आईएसए एजेंसियों और टीपीआई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सभी अधूरे कार्यों को निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि 21 जुलाई को हुई पिछली बैठक के बाद से जिले के 12 और गांवों में नियमित जलापूर्ति शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त, छह गांवों में शत-प्रतिशत सड़क रेस्टोरेशन और 11 गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण का काम भी पूरा किया गया है। योजना के तहत जिले के कुल 414 गांवों में से अब तक 339 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। वहीं, 342 गांवों में सड़क रेस्टोरेशन और 238 गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण का कार्य संपन्न हो गया है। अधिकारियों ने एलएंडटी, जीवीपीआर और रेट्रोफिटिंग परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने, हाउस कनेक्शन, स्काडा ऑटोमेशन, नियमित जलापूर्ति और ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण के शेष कार्यों को निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में जल निगम के अधिकारियों ने चांदी बंगार ग्राम समूह पेयजल योजना के सभी सीडब्ल्यूआर पर बार-बार बिजली कटौती होने से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे योजना के कमीशनिंग कार्य पर भी असर पड़ रहा है। इस पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को सभी सीडब्ल्यूआर पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को नियमित पानी मिल सके। सभी कार्यदायी फर्मों को स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, सीएचसी, पीएचसी, पुलिस स्टेशन और पंचायत भवन सहित सभी सरकारी भवनों के लंबित कनेक्शन तत्काल पूरा कर पेयजल आपूर्ति शुरू कराने को भी कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण पेयजल संबंधी समस्या या योजना से जुड़ी जानकारी के लिए प्ले स्टोर से ‘जल सारथी’ ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। वेबसाइट के माध्यम से भी शिकायत और जानकारी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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