राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी की जनसभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने का मुद्दा उठाया।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में जनसभा के बाद मंच के शुद्धिकरण का मुद्दा अब संसद में पहुंच गया है। गुरुवार को खड़गे ने राज्यसभा में आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने हवन करके मंच का शुद्धिकरण करने का का
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खड़गे ने कहा, ‘मैंने हल्द्वानी में रामलीला मैदान में स्टेज पर भाषण दिया और लाखों लोग वहां मौजूद थे। उस वक्त मैंने किसी समाज का, किसी धर्म का नाम नहीं लिया। सिर्फ लोगों की समस्याओं को वहां पर बताया।
लेकिन मेरी स्पीच होने के बाद BJP के लोगों ने हवन करके स्टेज का शुद्धिकरण किया। मैं शेड्यूल कास्ट आता हूं, सालों से संसद में हूं, लेकिन कभी किसी के आगे अपनी रक्षा के लिए गिड़गिड़ाया नहीं। मुझमें लड़ने की शक्ति है, मैं लड़ता हूं! लेकिन छुआछूत दिखाकर मेरा अपमान किया जा रहा है।’

दो तस्वीरें देखिए-

खड़गे की रैली के एक दिन बाद 9 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हिंदू संगठनों ने शुद्धि हवन कराया था।

गुरुवार को राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- मंच का शुद्धिकरण करके मेरा अपमान किया।
जेपी नड्डा बोले- घटना पूरे देश के लिए दुखद
मामला बढ़ता देख सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार और पार्टी का पक्ष रखते हुए घटना की निंदा की। नड्डा ने कहा, ‘खड़गे जी के साथ जो हुआ या जो भावनाएं आहत हुईं, वह सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि हम सभी और पूरे देश के लिए दुखद है।
BJP ऐसी किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। हम इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेंगे और अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। जब हम कह रहे हैं कि हम ऐसी सोच का समर्थन नहीं करते, तो खड़गे साहब को भी इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।’

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- मामले की गहराई से जांच करेंगे।
स्पीकर बोले- जांच हो, सजा मिलनी चाहिए
हंगामे के बीच कार्यवाहक सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन को शांत कराते हुए अपनी बात रखी। राधाकृष्णन ने कहा, ‘दलगत राजनीति और विचारधारा से ऊपर उठकर हम सब छुआछूत की कड़ी निंदा करते हैं। दुनिया में छुआछूत से बड़ा कोई पाप नहीं है।’
हम सभी पहले से शुद्ध हैं, किसी को बार-बार शुद्ध करने की जरूरत नहीं है। जिन्होंने भी यह गलत काम किया है, उनकी जांच होनी चाहिए, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए।’

राज्यसभा के स्पीकर सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा- जो हुआ वो गलत था।
8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई थी मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को ‘विजय शंखनाद रैली’ हुई थी। हिंदू संगठनों की ओर से 9 अगस्त को मैदान में पूजा-पाठ और हवन कराया गया था। कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित समाज से आने से जोड़ते हुए भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है।
गुरुवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद यह मुद्दा उठाया। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कहा कि जिस मंच से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनता को संबोधित किया, उसी मंच का भाजपा से जुड़े लोगों की ओर से ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद आहत करने वाला और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि यह घटना जातिगत भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है। वहीं, हिंदू संगठनों का कहना है कि शुद्धिकरण खड़गे की जाति की वजह से नहीं कराया गया, बल्कि रैली के दौरान कथित तौर पर इस्लामिक नारे लगाए जाने और सनातन धर्म के अपमान के विरोध में कराया गया।
उनका कहना है कि इसी के विरोध में 9 अगस्त को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ कराया गया था। भाजपा ने पहले ही इस पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि रामलीला मैदान में हुआ हवन पार्टी का कार्यक्रम नहीं था।

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हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद शुद्धिकरण हवन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों की ओर से 9 अगस्त को मैदान में पूजा-पाठ और हवन कराया गया। कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित समाज से आने से जोड़ते हुए भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। (पढ़ें पूरी खबर)