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झांसी की सीपरी बाजार सब्जी मंडी के ध्वस्तीकरण के विरोध में बुधवार को सैकड़ों सब्जी विक्रेता कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हाथों में तख्तियां लिए विक्रेताओं ने नगर निगम पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जिस जगह पर वे दशकों से दुकानें लगाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं और नगर निगम को नियमित किराया देते रहे हैं, अब उसी जगह से उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर हटाया जा रहा है। विक्रेता जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या रखने पहुंचे थे, लेकिन उनकी डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी। दशकों पुरानी दुकानों को तोड़कर कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी
सीपरी बाजार सब्जी मंडी को लेकर नगर निगम और दुकानदारों के बीच लंबे समय से गतिरोध चल रहा है। नगर निगम यहां बनीं अस्थायी सब्जी दुकानों को हटाकर मल्टी स्टोरी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाना चाहता है। वहीं, सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि कॉम्प्लेक्स में मिलने वाली दुकानों की कीमत और किराया उनके लिए बहुत अधिक होगा। ऐसे में वे अपना कारोबार नहीं चला पाएंगे। नगर निगम की ओर से करीब 10 दिन पहले दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विक्रेताओं ने दुकानें खाली नहीं कीं। इसके बाद मंगलवार को अपर नगर आयुक्त राहुल यादव भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मंडी पहुंचे। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से एक टीन शेड गिराए जाने पर हंगामा हो गया। विरोध में महिलाएं बुलडोजर के आगे लेट गईं और कार्रवाई का जमकर विरोध किया। हंगामा बढ़ने के बाद नगर निगम की टीम तीन दिन का समय देकर लौट गई। हालांकि, दुकानदारों ने साफ कर दिया कि वे अपनी दुकानें नहीं टूटने देंगे। अब कलेक्ट्रेट पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार बुधवार को इसी कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे वर्षों से यहां कारोबार कर रहे हैं। नगर निगम को किराया देने के बावजूद अब उन्हें अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है। उनका कहना था कि बिना उचित व्यवस्था और लिखित आश्वासन के उन्हें हटाया गया तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
विक्रेताओं ने मांग की कि नई दुकानें बनने के बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुकानें दी जाएं और उनका किराया व कीमत इतनी रखी जाए, जिसे वे वहन कर सकें। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। नगर निगम बोला- बेदखल नहीं, अस्थायी तौर पर शिफ्ट कर रहे
अपर नगर आयुक्त राहुल यादव ने कहा कि सब्जी विक्रेताओं को मंडी से बेदखल नहीं किया जा रहा है। कॉम्प्लेक्स का निर्माण पूरा होने तक उन्हें अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद सब्जी विक्रेताओं को दोबारा व्यवस्थित किया जाएगा। विक्रेताओं को अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया है। लिखित आश्वासन पर अड़े विक्रेता सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मौखिक आश्वासन से उनका भरोसा नहीं बन रहा है। वे चाहते हैं कि नगर निगम लिखित में दे कि कॉम्प्लेक्स बनने के बाद उन्हें दुकानें दी जाएंगी और उन्हें ग्राउंड फ्लोर पर प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही दुकान की कीमत और किराया भी उनकी क्षमता के अनुरूप रखा जाएगा।
विक्रेताओं को यह भी आशंका है कि यदि उन्हें फिलहाल रेलवे की जमीन पर शिफ्ट किया गया और बाद में वहां से भी हटा दिया गया तो उनके पास कारोबार के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। इसी वजह से वे लिखित आश्वासन मिलने तक मौजूदा दुकानों को खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रदर्शकारियों का ये है कहना सीपरी बाजार सब्जी मंडी में दुकान चलाने वाले दीपक कुशवाहा ने कहा कि हम लोग 70 साल से मंडी में कारोबार करते आ रहे हैं। अब नगर निगम हमारा रोजागार छीन रहा है। बोले कि हम लोगों को नगर निगम से लिखित आश्वासन चाहिए कि नई मंडी में हम लोगों को दुकानें दी जाएंगी। साथ ही जबतक मंडी बन नहीं जाती तब तक उस स्थान से भी न हटाया जाए, जहां अभी शिफ्ट किया जा रहा है। विक्रेता शाकिर ने कहा कि नगर निगम अखबारों में ये झूठ छपवाकर दुकानें तोड़ना चाहता है कि वहां रास्ता पतला है। उन्होंने कहा कि अगर रास्ता पतला है तो फिर नगर निगम के अधिकारी बताएं कि कल मंगलवार को उनका बुलडोजर मंडी तल कैसे पहुंच गया। बोले, हम सभी प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाते हैं कि गरीबों पर अधिकारियों का अत्याचार रोकें। हम लोग कोई पक्का निर्माण नहीं किए हैं। बावजूद इसके हमें हटाया जा रहा है, जबकि हम उस जगह का किराया भी दे रहे हैं।
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झांसी कलेक्ट्रेट पहुंचे सैंकड़ों सब्जी वाले,डीएम नहीं मिले:नगर निगम पर लगाया तानाशाही का आरोप, कहा-हमारे पेट पर बुलडोजर चला रहे अधिकारी