Varanasi Airport Runway Debris | DGCA Orders Investigation

प्रवीण कुमार यादव | वाराणसी8 मिनट पहले

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वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार को बड़ा विमान हादसा टलने के बाद अब मामले की जांच पर सबकी नजर है। रनवे पर गिट्टियां (FOD-फॉरेन ऑब्जेक्ट डिब्रिस) मिलने के बाद एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे तक विमानों का संचालन पूरी तरह बंद रहा।

मामले की जानकारी मिलने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

रनवे के विस्तार और मरम्मत का काम कर रही एजेंसी की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। रनवे पर निर्माण सामग्री के छोटे-छोटे टुकड़े पड़े रहना विमान संचालन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।

PNC इंफ्राटेक कर रही रनवे विस्तार का काम

वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे विस्तार का ठेका आगरा की PNC इंफ्राटेक के पास है। कंपनी पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण भी कर चुकी है। एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद कुछ स्थानों पर सड़क धंसने और निर्माण गुणवत्ता को लेकर कंपनी पर सवाल उठे थे।

अब वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे पर गिट्टियां मिलने की घटना ने निर्माण और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि रनवे पर FOD कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

एयर एंबुलेंस के पायलट ने रनवे पर गिट्टियां देखीं

मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली से एक एयर एंबुलेंस वाराणसी पहुंची थी। लैंडिंग के दौरान पायलट की नजर रनवे पर फैली गिट्टियों पर पड़ी। पायलट ने तत्काल इसकी सूचना एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी।

सूचना मिलते ही रनवे की जांच के लिए टीम पहुंची। इसी दौरान दिल्ली से वाराणसी आ रही इंडिगो की फ्लाइट भी हवाई क्षेत्र में पहुंच गई। रनवे की जांच चलने के कारण विमान को आसमान में चक्कर लगाना पड़ा। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने NOTAM जारी कर दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक रनवे बंद कर दिया।

अहमदाबाद और नवी मुंबई से आने वाली फ्लाइट लखनऊ भेजी गईं

रनवे बंद होने के कारण वाराणसी आ रही तीन फ्लाइटों को डायवर्ट करना पड़ा। अहमदाबाद और नवी मुंबई से वाराणसी के लिए उड़ान भर चुकी फ्लाइटों को लखनऊ भेजा गया। लगातार तीन विमानों के डायवर्ट होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि रनवे पर FOD की जानकारी मिलने के बाद NOTAM जारी किया गया था। इसके चलते तीन विमानों को डायवर्ट करना पड़ा।

रनवे पर छोटी गिट्टी भी बन सकती है बड़ा खतरा

एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, भारी विमान जब 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रनवे पर उतरता या उड़ान भरता है, तब रनवे पर पड़ी छोटी-सी गिट्टी, धातु का टुकड़ा या नट-बोल्ट भी गंभीर खतरा बन सकता है। इसे ही FOD से जुड़ा बड़ा सुरक्षा जोखिम माना जाता है।

इस खतरे का एक चर्चित उदाहरण 25 जुलाई 2000 को पेरिस के पास हुआ कॉन्कॉर्ड हादसा है। फ्रांस की दुर्घटना जांच एजेंसी BEA की रिपोर्ट के मुताबिक, रनवे पर पड़े धातु के एक टुकड़े से विमान के टायर को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद विमान में आग लग गई और दुर्घटना में 113 लोगों की मौत हुई थी।

अब जांच में तय होगी जिम्मेदारी

वाराणसी एयरपोर्ट पर FOD मिलने के बाद DGCA की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि रनवे पर गिट्टियां कैसे पहुंचीं, निर्माण एजेंसी और एयरपोर्ट प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और निर्धारित FOD निरीक्षण प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।

रनवे विस्तार का काम कर रही PNC इंफ्राटेक को लेकर एयरपोर्ट निदेशक से भी सवाल किए गए, लेकिन कंपनी की भूमिका पर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

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