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वाराणसी के नए सीएमओ डॉ एनपी सिंह ने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। उधर सोमवार को हटाए गए सीएमओ डॉ मुकेश कुमार को देर शाम शासन स्तर से निलंबित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने इस आशय का पत्र जिला प्रशासन को प्रेषित किया है। पूर्व सीएमओ पर कार्य में लापरवाही, जन शिकायतों की अनदेखी और कार्य में सुस्ती भारी पड़ी। मुकेश कुमार की विभागीय जांच भी की जाएगी। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री डॉ ब्रजेश पाठक ने भी वाराणसी में की गई समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना का भुगतान समय पर न किए जाने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही सीएम डैशबोर्ड की भी सतत निगरानी नहीं की जा रही थी। जानकारों की मानें तो इन्ही कारणों से मुकेश कुमार को निलंबित किया गया। जानिए शासन से जारी पत्र में क्या लिखा है ? पूर्व सीएमओं डॉ मुकेश कुमार ने वाराणसी में 2 जून 2026 को कार्यभार संभाला था। 69 दिन के छोटे से कार्यकाल में डॉ मुकेश कुमार पर स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के कई आरोप लगे। शासन की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि सीएमओ सीएम डैशबोर्ड की सतत निगरानी नहीं की। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लगातार खराब और असंतोषजनक बनाए रखा। जनता की समस्याओं से जुड़े आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं कर पाए। यह बेहद गंभीर मामला है। जूनियर डॉक्टर और कर्मचारियों पर नहीं था नियंत्रण पत्र में आगे लिखा है – उन्होंने अपने जूनियर कर्मचारियों और डाक्टरों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रखा। यह उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन है। शासन स्तर पर मामले की गहन जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। निलंबन अवधि में डॉ मुकेश कुमार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है।
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वाराणसी के पूर्व CMO निलंबित, होगी विभागीय जांच:जननी सुरक्षा योजना भुगतान लंबित होने पर जताई थी ब्रजेश पाठक ने नाराजगी, मुख्यालय से सम्बद्ध