नूरुल अली | कानपुर4 मिनट पहले
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कानपुर के जाजमऊ की दो प्रसिद्ध मजारों दादामियां का और मखदूम शाह आला 768 वां में उर्स के कार्यक्रमों को लेकर रौनक बढ़ गई है। मंगलवार रात 10 बजे से दोनों मजारों पर धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को होने वाले कुल शरीफ में पांच लाख से अधिक जायरीनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मजारों से लेकर आसपास के रास्तों तक पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर है।
मंगलवार रात करीब 10 बजे दोनों मजारों पर कार्यक्रम शुरू हुए।सबसे पहले अकीदतमंदों की ओर से चादर पेश की गई। इसके बाद दादर शरीफ कार्यक्रम आयोजित हुआ। रात करीब 10:30 बजे दोनों मजारों पर महफिले समां सजी। कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए तो देर रात तक जायरीन आध्यात्मिक माहौल में डूबे रहे।
दादामियां की मजार पर कानपुर और उन्नाव से पहुंचे कव्वालों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इखलाक दीवाना, नौशाद निजामी, दिलशाद वारसी, महताब वारसी और अहमद खां ने कव्वाली पेश की। कलाम शुरू होते ही जायरीनों की भीड़ ने दाद देकर माहौल को और खुशनुमा बना दिया।
वहीं मखदूम शाह आला की मजार पर भी महफिले समां का आयोजन हुआ। यहां चांद रजा, शहजाद चांद, फैजान ताज, शरफराज शोला और मुर्शीद ताज ने कव्वाली पेश की। देर रात तक मजार परिसर सूफियाना कलाम और अकीदतमंदों की मौजूदगी से गुलजार रहा।
उर्स का सबसे प्रमुख आयोजन बुधवार को होना है। दादामियां का कुल शरीफ सुबह 8 बजे, जबकि मखदूम शाह आला का कुल शरीफ सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचेंगे। अनुमान है कि दोनों कुल शरीफ में 5 लाख से अधिक जायरीन शामिल हो सकते हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। मजारों के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और जायरीनों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए भी पुलिस सतर्क है।
