वाराणसी कोर्ट से नाबालिग के अपहरण में आरोपी को जमानत:बहला-फुसलाकर ले जाने और पॉक्सो एक्ट में केस, षड़यंत्र में फंसाने की दलील


वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने तथा पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में आरोपी को राहत दे दी। किशोरी के अपहरण में नामजद समीर कुमार को वाराणसी की विशेष अदालत (पॉक्सो अधिनियम) तृतीय ने जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद आरोपी को सशर्त रिहा करने का आदेश दिया। आरोपी को कोर्ट के समक्ष एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं समान धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहाई का आदेश दिया। अदालत में अभियुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह, अधिवक्ता आशीष सिंह एवं वीरेंद्र सिंह ने प्रभावी पैरवी की। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी की छोटी बहन, जिसकी उम्र करीब 14 वर्ष बताई गई थी, को अभियुक्त समीर कुमार द्वारा कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता का हवाला दिया और आरोपी को जमानत न दिए जाने की मांग की। पीड़ित ने लगाया षडयंत्र में फंसाने का आरोप जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियुक्त को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे मामले में गलत एवं फर्जी तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत का ध्यान पीड़िता के बयानों में बताए गए कथित विरोधाभासों की ओर आकर्षित किया। अधिवक्ताओं ने दलील दी कि धारा 183 बीएनएसएस के तहत दर्ज बयान में पीड़िता ने अपनी इच्छा से जाने की बात कही है और उसके साथ किसी प्रकार की जबरदस्ती अथवा शारीरिक संबंध बनाए जाने से इनकार किया है। बचाव पक्ष की ओर से यह भी तर्क रखा गया कि उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता की उम्र लगभग 17 से 18 वर्ष के आसपास पाई गई है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *