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बाराबंकी में नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। रविवार को नदी का जलस्तर 106.230 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से करीब 17 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है, जबकि कुछ स्थानों पर नदी की तेज धार से कटान भी हो रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को नेपाल की ओर से सरयू नदी में करीब पौने तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के गुनौली, कोलायवर समेत आसपास के गांवों के निचले हिस्सों में पिछले एक सप्ताह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी भरने के कारण कई ग्रामीण अपनी झोपड़ियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कई गांवों के पास तेज धार से हो रहा कटान सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में भी सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। सनावा, टेपरा, कहरनपुरवा, भैरवकोल और सरायसुर्जन गांवों के पास नदी की धार तेजी से जमीन काट रही है। टेपरा समेत कई गांवों में हो रहे कटान से ग्रामीणों को अपने घरों और खेतों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। शनिवार को सूरतगंज के नायब तहसीलदार सैयद तहजीब हैदर ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर नदी के जलस्तर पर नजर रखने और सतर्क रहने की अपील की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
रेलवे की जमीन पर हो रहा कटाव बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता एसके सिंह ने बताया कि रामनगर क्षेत्र में फिलहाल कहीं भी कटान नहीं हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे पुल के पास जिस जमीन पर कटाव हो रहा है, वह रेलवे विभाग की संपत्ति है। वहीं, सिरौलीगौसपुर के एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की टीमें संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी कर रही हैं।
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बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से 17 सेमी ऊपर:नेपाल से छोड़े पानी के बाद बढ़ा जलस्तर; कई जगह तेज धार से कटान