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बदायूं में कुख्यात अपराधी जितेंद्र उर्फ ढालू के एनकाउंटर मामले में एफएसएल की बैलिस्टिक रिपोर्ट पुलिस के दावे के समर्थन में आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जुलाई की रात सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान बदमाश और पुलिस, दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग हुई थी। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान जितेंद्र उर्फ ढालू ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायर किए थे। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इसी दौरान ढालू को गोली लगी और बाद में उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में एक दरोगा और एक सिपाही भी घायल हुए थे। पुलिस अधिकारियों के असलहे भेजे गए थे FSL एनकाउंटर के बाद मामले की विभागीय और मजिस्ट्रियल जांच शुरू की गई थी। जांच के तहत मुठभेड़ में शामिल एसपी सिटी अभिषेक सिंह, सिविल लाइंस थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह और इस्लामनगर थाना प्रभारी धनंजय सिंह के पिस्टल मुरादाबाद स्थित एफएसएल भेजे गए थे। इसके अलावा ढालू के पास से बरामद सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, तमंचा, घटनास्थल से मिले खोखा कारतूस और अन्य साक्ष्यों को भी बैलिस्टिक जांच के लिए एफएसएल भेजा गया था। ढालू के हथियारों से भी चली गोली एफएसएल की बैलिस्टिक जांच में ढालू के पास से मिले हथियारों और पुलिसकर्मियों के असलहों से फायरिंग होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर घटनास्थल पर दोनों पक्षों की ओर से गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के लिए यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि एनकाउंटर के बाद शुरू हुई मजिस्ट्रियल और विभागीय जांच में बैलिस्टिक रिपोर्ट को अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। 19 मई की डकैती में वांछित था ढालू जितेंद्र उर्फ ढालू इस्लामनगर थाना क्षेत्र में 19 मई की रात नजाकत के घर हुई डकैती के मामले में वांछित था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, 1 जुलाई की रात सिविल लाइंस क्षेत्र में टीम का ढालू से सामना हुआ। इसी दौरान दोनों पक्षों में फायरिंग हुई और मुठभेड़ में ढालू की मौत हो गई। अब एफएसएल की रिपोर्ट को मजिस्ट्रियल और विभागीय जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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बदायूं एनकाउंटर में FSL रिपोर्ट से पुलिस को राहत:बैलिस्टिक जांच में बदमाश और पुलिस, दोनों की पिस्टल से फायरिंग की पुष्टि