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जालौन में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए सख्त संदेश दिया है। आईजीआरएस पोर्टल, जनसुनवाई पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने 24 अधिकारियों के अगस्त 2026 माह के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही चार उपजिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जुलाई 2026 के दौरान प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि 28 अधिकारियों ने शिकायतों का संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कालपी विनय कुमार मौर्य, उपजिलाधिकारी माधौगढ़ मनोज प्रकाश, उपजिलाधिकारी उरई उत्तम तिवारी तथा उपजिलाधिकारी जालौन राकेश सोनी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। वहीं शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 24 अधिकारियों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई। वेतन रोकने की कार्रवाई जिन अधिकारियों पर की गई, उनमें अधिशासी अभियंता विद्युत जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमित सक्सेना, सहायक विकास अधिकारी हरेंद्र सिंह सेंगर, देवेंद्र सिंह, लक्ष्मण चौरसिया एवं देवी शरण सोनी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कोंच मोनिका रानी, खंड विकास अधिकारी कदौरा संदीप मिश्रा, नदीगांव के नरेश पाल सिंह, जालौन के प्रशांत दुबे, कोंच के यज्ञदेव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी, अधिशासी अभियंता जल निगम अंचल गुप्ता, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका जालौन सुशील दोहरे, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका उरई राम अचल कुरील तहसीलदार अभिनव तिवारी, मनोज कुमार एवं शीश कुमार मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अखिलेश तिवारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-द्वितीय पुष्पदेव, परियोजना अधिकारी डूडा राकेश सोनी, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर खंड-प्रथम धर्मघोष, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड-प्रथम राजकुमार पाण्डेय तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी कदौरा ऊषा यादव एवं डकोर अंजली अग्रवाल शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस, जनसुनवाई पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा के भीतर तथ्यपरक, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों को जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण का स्पष्ट संदेश मिला है।
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जालौन में DM ने 24 अधिकारियों का वेतन रोका:चार एसडीएम से मांगा स्पष्टीकरण, जनसुनवाई में लापरवाही पर प्रशासन सख्त