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फर्रुखाबाद में करीब 15 साल पुराने चर्चित हत्या मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत अब 13 अगस्त को दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी। वहीं, एक अन्य आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में फरमान, सलमान और परविंद शामिल हैं। जबकि कासगंज के पटियाली थाना क्षेत्र के नगला ताल मझोला निवासी नवी आलम को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया गया। रेलवे ट्रैक के पास मिला था शव यह मामला फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला टिलिया ग्वालटोली निवासी भगवती देवी की तहरीर पर दर्ज हुआ था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 30 जून 2011 को उनके पुत्र संतोष कुमार को फरमान, सलमान और परविंद समेत कुछ लोग बाजार चलने की बात कहकर घर से ले गए थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन दो दिन बाद रजीपुर रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। संतोष के भाई रामसेवक ने अखबार में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद आशंका जताई। इसके बाद फोटोग्राफर रामानंद द्वारा खींची गई तस्वीर देखकर परिजनों ने शव की पहचान संतोष कुमार के रूप में की। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने का प्रयास परिजनों का आरोप था कि संतोष की हत्या करने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। पुलिस ने मामले में हत्या, साक्ष्य मिटाने और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फरमान, सलमान और परविंद को दोषी ठहराया, जबकि नवी आलम को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अब इस बहुचर्चित मामले में अदालत 13 अगस्त को दोषियों की सजा का ऐलान करेगी।
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15 साल पुराने हत्याकांड में फैसला, 3 दोषी करार:फर्रुखाबाद कोर्ट में 13 अगस्त को होगी सजा, एक आरोपी बरी