गाजियाबाद में12 वीं पास साइबर ठग गैंग अरेस्ट:यूपी महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों में 10 करोड़ से अधिक ठगे


गाजियाबाद पुलिस की स्वाट सर्विलांस और कोतवाली पुलिस ने अलग अलग बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि के रुप में कॉल कर ठगी करने वाले गैंग के 3 लोगों को अरेस्ट किया है। यह गैंग बीमा पॉलिसी बेचने के नाम पर कूटरचित पालिसी बनाकर ठगी करता था। पकड़े गए तीनों आरोपी 12 वीं पास हैं, इनके पास से 5 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, बलेनो कार और 2.5 करोड रुपये की ठगी के सम्बंधित फर्जी पॉलिसी बरामद की गईं हैं। 4 राज्यों तक फैला है गैंग डीसीपी सिटी धवल जायवाल ने गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधि के रूप में कॉल कर बीमा पॉलिसी बेचने वाला यह गैंग 4 राज्यों तक फैला है। पकड़े गए आरोपियों में पंकज शर्मा, उपेन्द्र शर्मा, आदित्य यादव उर्फ मोनू हैं। 4 राज्यों की 9 घटनाओं का अनावरण अभी तक इस गैंग से किया गया है। यूपी, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के लोगों से भी यह गैंग फर्जी तरह से ठगी कर चुका है। जांच में आया कि दिल्ली और एनसीआर के लोगों से भी ठगी की गई है। 2022 से कर रहे थे ठगी तीनों आरोपियों ने पूछने पर बताया कि पहले पंकज शर्मा, नितिन कसाना तथा आदित्य यादव एक साथ इंश्योरेन्स पॉलिसी ब्रोकिंग कंपनी हेक्सर इंश्योरेन्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नोएडा में कॉलिंग का काम करते थे। 2022 से ये लोग मिलकर इंश्योरेन्स पॉलिसी डाटा से लैप्स होने वाली इंश्योरेन्स पॉलिसी के कस्टमर के मोबाइल नम्बर लेते थे, इसके बाद उन्हें कॉल कर उनसे पॉलिसी के नाम पर साइबर फ्रॉड के लिये प्राप्त किये गए बैंक खातों में पैसे जमा करवाते थे। इनके पास इंश्योरेन्स पॉलिसी का डाटा होता था, इसलिये ये लोगों को आसानी से विश्वास दिला देते थे। जिसके बाद साइबर ठगी के दौरान पॉलिसी की फर्जी रसीद अपने लैपटॉप से PicsArt एप के माध्यम से तैयार कर निकालते थे। गूगल से उठाकर फर्जी आईकार्ड तीनों आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि इंश्योरेन्स कंपनी के कर्मचारी का आई कार्ड गूगल से डाउनलोड कर उन लोगों को विश्वास दिलाने के लिये उनके व्हाट्सअप पर भेजते थे। आदित्य यादव इंश्योरेन्स एजेंट अनुराग तिवारी बनकर, पंकज शर्मा इंश्योरेन्स एजेंट वरुन मिश्रा बनकर तथा प्रमोद हरीश चंद्र छेबड़े इंश्योरेन्स एजेंट राहुल राठौर बनकर लोगों को साइबर ठगी के लिये कॉल करता था। इन लोगों को साइबर फ्रॉड के लिये इंश्योरेन्स कम्पनी का डाटा तथा बैंक खाता नितिन कसाना उपलब्ध कराता था। नितिन कसाना पूर्व में साइबर अपराध के मामले में मुंबई से जेल जा चुका है। महाराष्ट्र तक फैला है गैंग डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद अभिलेखों साक्ष्यों में अनिल जैन निवासी हबीब गंज भोपाल, जीवन पाटिल निवासी चिखाली, पिम्परी चिंचवाड़ महाराष्ट्र के साथ 12.5 लाख रुपये, साइमन सी थॉमस इन्दिरानगर बंगलुरु के साथ सवा करोड़ रुपये की ठगी की है। शर्मिला लोबो निवासी मुंबई महाराष्ट्र के साथ 2 लाख रुपये, गणपत महादेव गुवाड़े निवासी महाराष्ट्र के साथ 6.7 लाख रुपये, समीर रविन्द्र केलुस्कर निवासी महाराष्ट्र के साथ 4 लाख रुपये, धर्मेश व कर्मवीर निवासी यूपी के साथ भी साइबर फ्रॉड की घटनाएं प्रकाश में आई हैं। इनके पास से काफी लोगों के नाम पर बने दस्तावेज बरामद हुए हैं। जिसके आधार पर अन्य पटनाओं का पता लगाया जा रहा है। यह गैंग 100 से ज्यादा लोगों से 10 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है। पंकज शर्मा और आदित्य यादव हापुड़ जिले के हाफिजपुर के नान गांव के रहने वाले हैं। जबकि प्रमोद हरीश चन्द्र छेबड़े अनुषमेरा बिल्डिंग एनजी आचार्य मार्ग मुंबई का रहने वाला है, जो गाजियाबाद के वेव सिटी में किराए पर रहता है।

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