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फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ है। राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ का पानी बदायूं-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे तक पहुंच गया है। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंगलवार शाम चित्रकूट डिप पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों का आवागमन रोक दिया। अब वाहन डबरी मार्ग से होकर गुजरेंगे। सिंचाई विभाग के अनुसार मंगलवार शाम गंगा नदी का जलस्तर 136.95 मीटर दर्ज किया गया। सुबह जलस्तर 137 मीटर था, जिसमें 5 सेंटीमीटर की कमी आई है। हालांकि, नदी अभी भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर बह रही है। जिले के 33 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें सदर तहसील के 9, कायमगंज के 12 और अमृतपुर तहसील के 12 गांव शामिल हैं। बाढ़ से 23,367 लोग और 4,855 परिवार प्रभावित हुए हैं। 24 शरणालय और 52 बाढ़ चौकियां सक्रिय प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। मंडी समिति रामसवाईद और रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। यहां भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी के लिए 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। स्टेट हाईवे पर पुलिस ने लगाया बैरियर स्टेट हाईवे पर पानी आने के बाद मंगलवार शाम राजेपुर से चित्रकूट आने वाले मार्ग पर डिप से पहले बैरिकेडिंग कर दी गई। जमापुर मोड़ से राजेपुर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। दोनों स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे और लोगों को सुरक्षित मार्ग से जाने की सलाह दी गई। 50 नाव और 5 मोटरबोट से चल रहा राहत कार्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए तहसील सदर, कायमगंज और अमृतपुर में 50 नाव एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ की एक टीम और पीएसी फ्लड यूनिट भी आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। जरूरत पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। 35 मेडिकल कैंपों में 536 लोगों का उपचार बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। लोगों को 272 ओआरएस पैकेट और 896 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। प्रशासन ने एंटी स्नेक वेनम और अन्य जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की है। पशुओं के लिए 11 मेडिकल कैंप चल रहे पशुओं की सुरक्षा के लिए 11 पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं। इनमें अब तक 79 पशुओं का उपचार और 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए चारे और भूसे की व्यवस्था भी की गई है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन या कंट्रोल रूम से संपर्क करें। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
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फर्रुखाबाद में बाढ़ से स्टेट हाईवे पर ट्रैफिक रुका:पुलिस ने चित्रकूट डिप पर बैरिकेडिंग की, 33 गांव बाढ़ से प्रभावित