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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि देश के छात्र गंभीर दर्द में हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि पीएम अपने सरकार के कामों के लिए उनसे माफी मांगें। पूर्व सांसद वाइको की किताब के विमोचन कार्यक्रम में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सड़कों पर इसलिए हैं क्योंकि आरएसएस देश का इतिहास बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा कुचले जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा। छात्रों के पास काम नहीं, परीक्षा में निष्पक्षता चाहते हैं राहुल गांधी ने कहा कि हम अजीब दौर से गुजर रहे हैं, जहां छात्र सड़कों पर हैं और गंभीर दर्द में हैं। उनके पास काम नहीं है और वे परीक्षाओं में निष्पक्षता तथा एक बेहतर शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री उन्हें माफ कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पीएम को यह विचार कहां से आता है कि वे उन्हें या भारत के भविष्य को माफ कर सकते हैं। आरएसएस पर लगाया इतिहास बदलने का आरोप राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री या आरएसएस के पीछे एक खतरनाक विचार है कि यह देश कई लोगों की अभिव्यक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान में स्पष्ट लिखा है कि इंडिया, यानी भारत, राज्यों का एक संघ है और राज्य भारत के लोगों की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि जब आप तमिलनाडु कहते हैं, तो उसके भीतर तमिल लोगों का इतिहास, उनका दर्द, दुख और खुशी होती है। संविधान कहता है कि हर राज्य एक इतिहास, परंपरा और भाषा का प्रतिनिधित्व करता है। हर राज्य को इसका अधिकार है और उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए। इतिहास को कुचले जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा भारत राहुल ने कहा कि कुछ अज्ञानी लोग हैं जो तमिल, मराठी, बंगाली लोगों को नहीं समझते और कहते हैं कि इनमें से कोई भी इतिहास और कल्पना प्रासंगिक नहीं है। उनका मानना है कि केवल वही इतिहास महत्वपूर्ण है जिसे आरएसएस मानता है। यही कारण है कि यह लड़ाई महत्वपूर्ण है और छात्र सड़कों पर हैं। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने देश के लिए वाइको की सेवा के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी किताब के विमोचन में शामिल होना सम्मान की बात है। उन्होंने वाइको को हम सभी के लिए प्रेरणा बताया। कार्यक्रम में ये नेता रहे मौजूद इस पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री ए राजमोहन, टीएमसी नेता सागरिका घोष, कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और मणिकम टैगोर मौजूद थे। इनके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, सीपीआई-एम महासचिव एम ए बेबी, सीपीआई महासचिव डी राजा, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, आरजेडी नेता मनोज कुमार झा, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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छात्रों के दर्द पर राहुल गांधी का बयान:पीएम मोदी को माफी नहीं, सरकार के कामों के लिए माफी मांगनी चाहिए