![]()
सिद्धार्थनगर में पिछले तीन दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार को ड्रेनेज खंड की दैनिक गेज रिपोर्ट के अनुसार, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बांसीगंगा और कूड़ा नदी सहित अधिकांश नदियों में जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, सभी नदियां अभी भी खतरे के निशान से कई मीटर नीचे बह रही हैं, जिससे तत्काल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। जिले में सर्वाधिक वर्षा बांसी गेज स्टेशन पर 12.80 मिलीमीटर, ककरही पुल पर 7.80 मिलीमीटर और नौगढ़ पुल पर 1.00 मिलीमीटर दर्ज की गई। अन्य अधिकांश गेज स्टेशनों पर वर्षा की मात्रा नगण्य रही, लेकिन लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी है। ड्रेनेज खंड की रिपोर्ट के मुताबिक, बांसीगंगा नदी बैराज पर खतरे के निशान से 4.22 मीटर नीचे बह रही है। राप्ती नदी बांसी पुल पर 3.91 मीटर नीचे, परसोहन घाट पर 5.75 मीटर नीचे, मुहंचोरवा घाट पर 4.25 मीटर नीचे, ककरही पुल पर 4.76 मीटर नीचे, आलमनगर पर 3.20 मीटर नीचे, उस्का रेलवे पुल पर 5.29 मीटर नीचे, लोटन पुल पर 3.70 मीटर नीचे, सड्डा नाला पर 3.10 मीटर नीचे और नौगढ़ पुल पर 3.24 मीटर नीचे दर्ज की गई है। अधिकांश स्थानों पर नदियों का जलस्तर बढ़ाव की प्रवृत्ति दिखा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। यदि वर्षा का यह सिलसिला जारी रहता है, तो नदियों के जलस्तर में और अधिक वृद्धि हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे बसे गांवों के लिए चिंता बढ़ सकती है।
Source link
सिद्धार्थनगर में बारिश से जलस्तर बढ़ा, प्रशासन की बढ़ी सतर्कता:3 दिन की बारिश से नदियां उफान की ओर, खतरे के निशान से दूर