वाराणसी में अगले 48 घंटे तक बारिश के आसार:गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे दर्जनों छोटे मंदिर जलमग्न, जलपुलिस ने छोटे नाव के संचालन पर लगाया रोक


सावन के मौसम में वाराणसी का मौसम लगातार करवट ले रहा है। शहर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की रफ्तार 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं वातावरण में नमी का स्तर 83 प्रतिशत होने से उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक वाराणसी के आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में बने लो-प्रेशर की वजह से एक्टिव हुआ मानसून मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और आसपास सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इसके चलते वाराणसी समेत आसपास के जिलों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने लोगों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान में बने लो प्रेशर की वजह से मानसून एक्टिव हुआ है। 2 सेटंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा उधर, लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 61.84 मीटर दर्ज किया गया है और इसमें लगभग 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है। नदी किनारे स्थित लगभग 50 से 60 छोटे मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। हालांकि अभी प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह से नहीं टूटा है और श्रद्धालु सीमित रूप से घाटों तक पहुंच पा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं,गंगा में चलने वाले छोटे नाव का संचालन भी बंद करा दिया गया है क्योंकि बहाव तेज है।

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