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गोरखपुर के जिला अस्पताल से 10 साल की बच्ची को अगवा कर रेप और हत्या के बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परिसर के अंदर की सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। SIC डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि सभी CCTV कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई। साथ ही प्रशासन के निर्णय के बाद रात 10 बजे के बाद से हॉस्पिटल के सभी गेट बंद कर दिए जा रहे। केवल इमर्जेंसी वार्ड के पास का गेट ही आने- जाने के लिए खुला रखा जा रहा। इसके अलावा सभी गार्ड और सिक्योरिटी में तैनात कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया है कि किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी वाले लोगों पर नजर रखें। उनसे पूछ्ताछ के बाद ही अंदर प्रवेश दें।
हॉस्पिटल में 160 कैमरे लगे
उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर से इतनी बड़ी घटना होने के बाद सभी अधिकारी और स्टाफ सतर्क हो गया है। हॉस्पिटल के अंदर कुल 160 कैमरे लगाएं गए हैं। सभी की जांच की जा रही है। कुछ जगहों पर नेटवर्क प्रॉब्लम थी। जिसकी वजह से फुटेज ठीक से कैप्चर नहीं हो पा रहे थे। उस एरिया का नेटवर्क सही करवाया जा रहा है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को बुलवाया गया है। खराब कैमरों को जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए
साथ ही कुछ जगहों के कैमरे किसी न किसी वजह से खराब हो गए थे। उन्हें भी जल्द से जल्द ठीक करवाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। हर जगह नजर रखी जाएगी। ताकि भविष्य में किसी भी परिजन या मरीज केसाथ ऐसी घटना न हो सके। हॉस्पिटल में एडमिट सभी मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है। इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जो भी थोड़ी बहुत कमियां थी, उन्हें जल्द से जल्द से दूर किया जा रहा। एंट्री और एग्जिट के लिए 4 गेट
SIC ने बताया कि जिला अस्पताल के जिस परिसर में इमर्जेंसी वार्ड स्थित है। उसमें कुल 4 गेट हैं। रात 10 बजे के बाद सभी गेट को बंद कर दिया जाएगा। केवल एक गेट जो इमर्जेंसी के पास है उसे ही खोला जा रहा है। उसमें भी छोटा गेट ही केवल खुला रह रहा। बाकी सभी गेट बंद कर दिए जा रहे। एम्बुलेंस से या अन्य साधनों से मरीजों के आने पर ही बड़ा गेट खोला जा रहा है। ताकि गाड़ियों की एंट्री आसानी से हो जाए। उसके बाद बंद कर दिया जा रहा। गार्ड की ड्यूटी और टाइमिंग में कड़ाई
हॉस्पिटल के अंदर तैनात सभी गार्ड और सिक्योरिटी को टाइम से ड्यूटी पर तैनात रहने के लिए कड़ाई से निर्देशित कर दिया गया है। उसमें ढ़िलाई बर्दास्त नहीं की जाएगी। बाउंड्री वॉल बनावाने को निर्देशित किया
उन्होंने बताया कि सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए हमने जितने भी बाउंड्री वॉल हैं उन्हें बनवाने को निर्देशित कर दिया है। ताकि उधर से कूदकर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति प्रवेश या बाहर न निकल सकें। जानिए क्या था मामला
आजमगढ़ के रहने वाला एक ऑटो चालक गोरखपुर में किराए के मकान में अपनी पत्नी और बेटियों के साथ रहता है। 27 जुलाई को उसकी बड़ी बेटी अचानक बीमार पड़ गई। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 28 जुलाई की रात करीब 8: 30 बजे दूसरी बेटी अपनी बड़ी बहन को खाना देने हॉस्पिटल पहुंची थी। घर लौटते समय सिपाही ने बाइक से उसका पीछा किया। हॉस्पिटल के अंदर से उसे बाइक पर बैठाकर 15 किलोमीटर दूर अपने साथ ले गया श्मशान घाट ले गया।। इधर, बच्ची नहीं लौटी, तो घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के लिए पुलिस ने 10 टीमें लगाईं, 200 CCTV फुटेज खंगाले। इसमें बाइक की नंबर प्लेट से आरोपी सिपाही की पहचान हुई। पुलिस ने सिपाही को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बच्ची के साथ रेप और हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। गुरुवार सुबह साढ़े 8 बजे आरोपी सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया। जिसके बाद घर में चीख- पुकार मच गई।
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गोरखपुर जिला अस्पताल में इमर्जेंसी गेट से मिलेगी एंट्री:चप्पे-चप्पे पर CCTV से निगरानी, बच्ची को अगवा कर रेप- हत्या किया आरोपी