मथुरा में राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने कहा:बड़े मंदिरों के ट्रस्ट में राजनीतिक लोगों का क्या काम, चढ़ावे के पैसों का किया जाए स्कूल,अस्पताल और गौशाला बनाने में प्रयोग


कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला सोमवार की देर शाम धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंचे। देवकी नंदन महाराज के प्रियकांत जू मंदिर पर चल रहे पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम में पहुंचे राजीव शुक्ला ने महाशिवपुराण की कथा कह रहे देवकी नंदन महाराज का व्यास पीठ पर पूजन किया। इस दौरान राजीव शुक्ला ने बांके बिहारी मंदिर पहुंच कर दर्शन किए और पूजन अर्चन किया। व्यास पीठ का किया पूजन सोमवार की शाम प्रियकांत जू मंदिर पहुंचे राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने पहले व्यास पीठ का पूजन किया इसके बाद व्यास पीठ से देवकी नंदन महाराज ने राजीव शुक्ला को दुपट्टा पहनाया और भगवान का छवि चित्र भेंट किया। कथा विश्राम के बाद राजीव शुक्ला और देवकी नंदन महाराज ने 15 मिनट तक आध्यात्म पर चर्चा की। इस दौरान देवकी नंदन महाराज ने राजीव शुक्ला को सनातन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी। मंदिर ट्रस्ट में राजनीतिक लोग क्यों प्रियकांत जू मंदिर पहुंचे राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर का पैसा उस मंदिर और चैरिटी के लिए खर्च होना चाहिए। उन्होंने बिना अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का नाम लिए कहा किसी संस्थान में या ट्रस्ट में राजनीतिक लोग क्यों। क्या जरूरत पड़ी राजनीतिक लोगों को उसमें घुसाने की। सरकार उसमें क्यों दखल दे। उसमें तो साधु संत,शंकराचार्य यह लोग होने चाहिए। जैसे खबरें आ रही हैं सैकड़ों करोड़ रुपया,जेवर वह लोग अपने यहां ले गए। उसका कोई सदुपयोग नहीं। तिरुपति मंदिर देखते हैं आप इतना चढ़ावा आता है कभी कोई रिपोर्ट गड़बड़ नहीं आती। वहां सब चैरिटी में लगता है। अस्पतालों में शिक्षण संस्थानों में। देवकी नंदन महाराज की मांग का किया समर्थन राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने देवकी नंदन महाराज की सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मंदिर का चढ़ावा अच्छे शिक्षण संस्थान,अस्पतालों के लिए आज के समय में सबसे इलाज कराना सबसे कठिन काम है। गौ सेवा में लगना चाहिए और गरीबों के बच्चों की शादियों में लगना चाहिए। उन्होंने कहा देश में जो बड़े मंदिर हैं जहां चढ़ावा आ रहा है वहां साधु संत,शंकराचार्य हों और चैरिटी के काम होने चाहिए। न कि राजनीतिक लोगों के लिए। प्रियकांत जू मंदिर में चल रहा पार्थिव शिवलिंग अनुष्ठान महोत्सव श्रावण मास के पहले सोमवार को षिवभक्तों ने ब्रज की माटी से 3 लाख 81 हजार पार्थिव शिवलिंग बनाकर, दूध-दही, गंगाजल, शहद, बिल्बपत्र, धतूरा आदि से विधिपूर्वक अभिषेक किया । देवकी नंदन महाराज के साथ हजारों भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की आरती उतार कर कन्हैया के ब्रज में शिव अराधना एवं अनुष्ठान का पंचम दिवस पूर्ण किया । प्रियाकान्तजु मंदिर पर आयोजित 21 लाख पार्थिव षिवलिंग अनुष्ठान महोत्सव में सोमवार को शिवमहापुराण कथा श्रवण कराते हुये देवकी नंदन महाराज ने कहा कि कन्हैया के भक्तों से भगवान भोलेनाथ अत्यन्त प्रसन्न रहते हैं । उन्होने कहा कि ब्रज में रहकर शिव भक्ति करना सामान्य बात नहीं हैं । यह कन्हैया का धाम है लेकिन शिव भी यहाँ कृष्ण भक्त बनकर गोपेष्वर रूप में विराजमान हैं । उन्होने कहा कि लाला के दर्षन के लिये भूतनाथ शिव बाबा बनकर मैया यषोदा के घर आ गये थे । कन्हैया उनका स्वरूप देखकर कहीं डर न जायें इसलिये यषोदा मैया ने कहा कि कन्हैया सो रहे हैं । लेकिन शिव जी श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्षन के बिना जाने वाले नहीं थे । जैसे ही कन्हैया ने देखा कि यशोदा मैया भोलेनाथ को अंदर नहीं आने दे रहीं तभी वे लीला करके रोने लगे । मैया जैसे ही उन्हें आंगन में लेकर आयीं भोलेबाबा को देखकर वे प्रसन्न हो गये जैसे भगवान और भक्त का मिलन हो गया हो ।

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