- Hindi News
- Sports
- Commonwealth Games 2026 | India Wins 8 Gold Medals In Boxing & Para
17 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया है। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं।
महिला बॉक्सिंग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किए। पुरुषों में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्ड मेडल जीते। बॉक्सिंग में ही लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि और नरेंद्र बेरवाल को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने गोल्ड जीता। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वे कॉमनवेल्थ गेम्स में 5000 और 10000 मीटर दोनों इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। भारत ने ट्रिपल जंप में दो और मेडल भी जीत लिए।

बॉक्सिंग के रिजल्ट देखिए
1. पंघाल ने इंग्लिश बॉक्सर को 4-1 से हराया
अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराया। अंकुश फाइनल की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाया और आखिर में जीत अपने नाम की।
2. सचिन सिवाच के आखिरी पंच से सोना आया
सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में नामीबिया के मुक्केबाज को ट्राईगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराया।
दूसरे राउंड में रेफरी ने सचिन पर एक अंक की पेनल्टी लगाई थी। ऐसे में आखिरी राउंड में उनका 4-1 से जीतना जरूरी हो गया था। आखिरी राउंड भी बराबरी पर था, लेकिन सचिन में आखिरी क्षणों में दमदार पंच लगाया, इससे नडेवेलो लड़खड़ा गए। इसी पंच ने सचिन की जीत तय कर दी।
3. अरुंधति चौधरी को भी गोल्ड
अरुंधति चौधरी ने 70kg में इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से हराया। अंतिम राउंड के शुरुआती 30 सेकेंड में रेफरी ने दोनों मुक्केबाजों को खेल की रफ्तार बढ़ाने के लिए कहा।
अरुंधति की प्रतिद्वंद्वी रीड को मुकाबले में वापसी के लिए आक्रामक होना था, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
4. प्रिया घंघास की संघर्षपूर्ण जीत
महिलाओं के 60kg फाइनल मुकाबले में भारत की प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने मिले जुले फैसले में 4-1 से जीत हासिल की।
प्रिया ने मुकाबले की तेज शुरुआत की, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी अल-अहमदियेह ने भी कुछ सटीक पंच लगाकर जोरदार जवाब दिया। फाइनल राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। प्रिया थकी हुई नजर आ रही थीं, लेकिन उन्होंने लगातार आक्रामक रुख बनाए रखा और दमदार पंच लगाती रहीं।

5. साक्षी ने इंग्लैंड की खिलाड़ी को 5-0 से हराया
महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत की साक्षी चौधरी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और यूनानिमस डिसीजन 5-0 से जीत हासिल की।
साक्षी ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के पंचों को रोका और दाएं हाथ से लगातार सटीक जवाबी हमले किए। उनके कई पंच सीधे प्रतिद्वंद्वी के चेहरे पर लगे, जिससे मुकाबले में उनकी पकड़ मजबूत होती गई।

6. प्रीति ने कनाडाई मुक्केबाज को हराया
हरियाणा की बॉक्सर प्रीति पवार ने विमेंस के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराया। उन्होंने तीनों ही राउंड में दबदबा कायम रखा और गोल्ड अपने नाम किया।

भिवानी में प्रीति पंवार की मां शलीन देवी ने मोबाइल पर बेटी का मैच देखा।
प्रीति ने 2023 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था। प्रीति 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 2026 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, जबकि 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति की ट्रेनिंग NS NIS पटियाला में होती है।

7. जैस्मिन ने मिशेला वॉल्स को 5-0 से मात दी
हरियाणा की बॉक्सर जैस्मिन लांबोरिया 57 KG कैटेगरी के फाइनल में मिशेला वॉल्श को 5-0 से हराया। उन्हें सभी जजों ने एक मत फैसले से विजेता घोषित किया।

भिवानी में जैस्मिन लंबोरिया के घर पर माता पिता मैच देखते हुए।
जैस्मिन इस वर्ग में दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर हैं। उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड जीता है। जैस्मिन 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए खेल चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।

8. बोरगोहेन फाइनल में 1-4 से हारीं
लवलीना बोरगोहेन को 70 किलो भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर एम्मा-सू ग्रीनट्री के हाथों 1-4 से हार झेलनी पड़ी। बोरगोहेन ने ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीता था। इस बार वे गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन फाइनल में उन्हें उपविजेता बनकर ही वापस लौटना पड़ा।
9. पहला राउंड जीतने के बाद पिछड़े जादुमणि
जादुमणि ने अपने से लंबे ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी डिक्सन के खिलाफ पहला राउंड 3-2 से जीता। हालांकि, वे दूसरे और तीसरे राउंड में डिक्सन ने वापसी की और मुकाबला अपने नाम किया। जादुमणि शुक्रवार को नामीबिया के फिलिप हाओसेब को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचे थे।

10. नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़े, सिल्वर मिला
नरेंद्र को पुरुषों के 90 प्लस किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में पराजय झेलनी पड़ी। उन्हें इंग्लैंड के डेमर थॉमस ने 5-0 से हराया। इस मैच में नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़ रहे थे। आखिरी के 2 राउंड में भी वे वापसी नहीं कर सके।
पैरा शॉट पुटर सोमन ने गोल्ड जीता, शुभम को सिल्वर
पैरा शॉट पुट इवेंट की F-57 कैटेगरी में भारत के सोमन राणा ने सीजन बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। एक अन्य भारतीयय शुभम जुयाल ने सिल्वर पाया।
सोमन राणा ने 13.40 मीटर गोला फेंका। शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो किया। F-57 कैटेगरी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिनके कम के नीचे के अंग (पैरों) कमजोर होते हैं। लेकिन उनके ऊपरी शरीर (धड़ और हाथ) की ताकत पूरी तरह सामान्य होती है।
गुलवीर ने 5000 मीटर में जीता ब्रॉन्ज
गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन के दो ट्रैक इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं। गुलवीर ने 10000 मीटर में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीत लिया। गुलवीर ने 13 मिनट 24.95 सेकेंड का समय निकाला। उन्होंने केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकेंड से पीछे छोड़ा।
इस इवेंट का गोल्ड युगांडा के मैथ्यू किपसांग (13:23.61) ने जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन (13:24.70) को सिल्वर मिला।

गुलवीर पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीत लिया।
आर्मी की तैयारी करते-करते नेशनल चैंपियन बन गए गुलवीर
28 साल के गुलवीर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के सिरसा गांव से आते हैं। किसान परिवार में पले-बढ़े गुलवीर बचपन में भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए गांव की कच्ची सड़कों पर दौड़ लगाते थे।
सेना में शामिल होने के बाद उन्होंने इंटर-यूनिट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया और तीन साल के भीतर नेशनल गेम्स में 10,000 मीटर के चैंपियन बन गए।

गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर दौड़ में भी ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था।
ट्रिपल जंप में भारत के दो और मेडल
भारत ने पुरुष ट्रिपल जंप में दो और मेडल जीत लिए हैं। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर के जंप अटैम्प्ट के साथ सिल्वर अपने नाम किया। वहीं, भारत के ही सेल्वा प्रभु ने 16.52 के बेस्ट अटैम्प्ट के साथ ब्रॉन्ज जीता। इस इवेंट का गोल्ड जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने जीता। उनका बेस्ट अटैम्प्ट 16.72 मीटर का रहा।
उन्नति शर्मा ने जूडो में जीता ब्रॉन्ज मेडल
महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्नति ने मुकाबला महज 1 मिनट 7 सेकेंड में इप्पोन के जरिए जीत लिया।
मुकाबले की शुरुआत से ही उन्नति आक्रामक नजर आईं। उन्होंने सही मौके का फायदा उठाते हुए प्रतिद्वंद्वी का संतुलन बिगाड़ा और उन्हें पीठ के बल गिरा दिया। इस शानदार मूव पर उन्हें इप्पोन मिला, जो जूडो में एक ही दांव पर मिलने वाला सर्वोच्च स्कोर होता है।
शनमुगम सातवें स्थान पर रहे
पैरा एथलेटिक्स में पुरुष 1500 मीटर T54 के फाइनल में भारत के रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे। उन्होंने 3:23:59 मिनट का समय लिया।
रवीना गायकवाड़ डिस्क्वालिफाई
महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल में भारत की रवीना गायकवाड को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन के लिए तीन रेड कार्ड मिले, जिसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अभियान निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया।
——————-
स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…
कॉमनवेल्थ में जूडो में 15 मिनट में अस्मिता-हर्ष गोल्ड जीते

कॉमनवेल्थ गेम्स में शुक्रवार को भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया। जूडो में 3 मेडल आए। पूरी खबर…
