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सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को शहर में लगाए गए देहरादून रोड पर एक कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत करते हुए उनकी सेवा को सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर की पहचान गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और सौहार्द की परंपरा से रही है, जिसे हर हाल में बनाए रखना जरूरी है। सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सावन माह में हरिद्वार से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं। लंबी दूरी, भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कांवड़िये पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ यात्रा पूरी करते हैं। ऐसे में उनकी सेवा करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा शिविरों में लोगों का सहयोग और श्रद्धालुओं की सेवा करना कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि यह वर्षों से चली आ रही सामाजिक सहभागिता का हिस्सा है। सहारनपुर में हर धर्म और समुदाय के लोग मिलकर कांवड़ियों की सेवा करते हैं, जो शहर की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का परिचायक है। इमरान मसूद ने कहा कि भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था प्रेरणादायक है। कई कांवड़िये नंगे पैर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं। उनकी इस तपस्या और विश्वास के प्रति सम्मान व्यक्त करना तथा सेवा के माध्यम से उनका सहयोग करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि सेवा का भाव ही समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है। सांसद ने कहा कि समाज में प्रेम, आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब सभी समुदाय मिलकर एक-दूसरे के पर्व और धार्मिक आयोजनों में सहयोग करते हैं तो सामाजिक सौहार्द और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। यही सहारनपुर की पहचान भी है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से आपसी सद्भाव बनाए रखने और सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक एकता और पारस्परिक सम्मान ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
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सहारनपुर में इमरान मसूद ने की कांवड़ियों की सेवा:बोले-सेवा हमारी साझा संस्कृति की पहचान, भाईचारा बनाए रखना सबसे बड़ी सेवा, शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी