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चित्रकूट में फिल्म अभिनेता और संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा कि पृथक बुंदेलखंड राज्य के गठन के लिए अब विचार क्रांति की आवश्यकता है। उन्होंने शुक्रवार को मानिकपुर क्षेत्र में आयोजित एक गोष्ठी में यह बात कही। राजा बुंदेला के नेतृत्व में चल रही ‘गांव-गांव पांव-पांव यात्रा’ अपने पांचवें दिन मानिकपुर पहुंची। यहां पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद द्विवेदी के आवास पर एक विशाल गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग का समर्थन किया। 4 तस्वीरें देखिए- बुंदेला ने बताया कि बुंदेलखंड राज्य की मांग नई नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले बुंदेलखंड एक राज्य था, जिसके पहले मुख्यमंत्री कामता प्रसाद सक्सेना बने थे। वर्ष 1956 में इस राज्य को तोड़कर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभाजित कर दिया गया था। तब से हम दो राज्यों में बंटे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई तीन दशकों से चल रही है और अब निर्णायक स्थिति में है। बुंदेला ने आह्वान किया कि जिस दिन 5 करोड़ बुंदेलखंडी अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होकर खड़े होंगे, उसी दिन सरकार बुंदेलखंड को अलग राज्य का दर्जा देने पर विवश हो जाएगी। इस अवसर पर पकौआ देवी महाविद्यालय की प्राचार्य रेणुका पांडेय और सेवानिवृत्त डॉक्टर एम.एम. पांडेय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए विचार क्रांति जरूरी:चित्रकूट में राजा बुंदेला के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने किया समर्थन