CSJMU की एकेडमिक काउंसिल बैठक में बड़े फैसले:8 अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री पाठ्यक्रम शुरू होंगे, BA-LLB और एलएलबी में बड़ा बदलाव


छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में शुक्रवार को सेंटर फॉर एकेडमिक हॉल में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। इसमें नई शिक्षा नीति के मुताबिक नए पाठ्यक्रमों, संशोधित सिलेबस, सीटों के पुनर्गठन और इंप्लाईमेंट एजुकेशन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा फैसला 8 अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) शुरू करने और एलएलबी व बीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों के नियमों में बदलाव को लेकर रहा। बैठक कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित हुई। इसमें विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष और विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। 8 नए रोजगारोन्मुख डिग्री कोर्स को हरी झंडी परिषद ने रोजगार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आठ अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) को मंजूरी दी। इनमें बायोटेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स, एनीमेशन एवं वीएफएक्स, गेम आर्ट एंड डिजाइन, डिजिटल मार्केटिंग एवं एडवरटाइजमेंट, मीडिया कम्युनिकेशन, कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग और रिटेल ऑपरेशंस शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के साथ उद्योगों में प्रशिक्षण भी मिलेगा। एलएलबी और बीए एलएलबी के छात्रों को बड़ी राहत एकेडमिक काउंसिल की बैठक में ​अधिष्ठाता विधि संकाय प्रो.प्रेम नाथ त्रिवेदी की ओर से किये गये प्रस्ताव को पास कर दिया गया। इसमें एलएलबी (त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम) और बीए एलएलबी (पंचवर्षीय पाठ्यक्रम) के एग्रीगेट पासिंग प्रतिशत को घटाकर 45% व बैक पेपर और प्रमोशन के नियम में किसी छात्र के प्रथम (1st) और द्वितीय (2nd) सेमेस्टर में मिलाकर कुल 48% अंक नहीं होते थे, या प्रत्येक विषय में पासिंग मार्क्स (36%) नहीं होते थे, तो उसे पांचवें (5th) सेमेस्टर में प्रवेश (प्रमोट) नहीं दिया जाता था। अब छात्रों को आगे के सेमेस्टर्स में प्रमोट होने से नहीं रोका जाएगा। छात्र छठे (6th) सेमेस्टर तक बिना रुके प्रमोट हो सकते हैं और आगे अपनी सुविधानुसार बैक पेपर दे सकते हैं। लगातार परीक्षा देने वाले छात्रों की प्रवेश (Admission) प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी। ‘समर्थ’ (Samarth) प्रणाली लागू होने के कारण अब एक्स-स्टूडेंट का स्टेटस खत्म हो गया है। अब ऐसे छात्र केवल ‘बैक पेपर’ परीक्षार्थी के रूप में ही परीक्षा में बैठेंगे। ​इसके अलावा ​एलएलबी (त्रिवर्षीय) छात्रों को अपनी डिग्री अधिकतम 6 वर्ष में पूरी करनी होगी (अर्थात 6 वर्ष के भीतर सभी पेपर पास करने होंगे और कुल एग्रीगेट 45% अंक प्राप्त करने होंगे) वैसे ही ​बीए एलएलबी के छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने और सभी पेपर पास करने के लिए अधिकतम 8 वर्ष का समय दिया गया है। कई पाठ्यक्रमों में बढ़ेंगी सीटें बैठक में विभिन्न विभागों के नए और संशोधित पाठ्यक्रमों के साथ उन कोर्सों में सीटें बढ़ाने पर भी सहमति बनी, जिनमें विद्यार्थियों की मांग अधिक है। वहीं कम प्रवेश वाले पाठ्यक्रमों में सीटें घटाने या उन्हें बंद करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। स्वास्थ्य विज्ञान, फार्मेसी, पत्रकारिता, भाषा अध्ययन, संगीत, शिक्षा और अन्य विभागों के पाठ्यक्रमों को भी वर्तमान जरूरतों और रोजगार बाजार के अनुरूप अपडेट करने की मंजूरी दी गई। एआई, साइबर सिक्योरिटी और फाइनेंशियल लिटरेसी पर जोर परिषद ने विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में साइबर सिक्योरिटी, एआई फॉर ऑल, फ्यूचर स्किल्स और फाइनेंशियल लिटरेसी जैसे व्यावसायिक विषय शामिल करने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई। इसके अलावा बीए (एफवाईयूपी) में फिजिकल एजुकेशन विषय जोड़ने, कुछ पाठ्यक्रमों के नाम बदलने और शोध से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, कॉलेज विकास परिषद के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डीन लाइफ साइंसेज प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, डीन एकेडमिक प्रो. बृष्टि मित्रा, डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो. नीरज कुमार, डीन इनोवेशन डॉ. शिल्पा कायस्था, डीन रिसर्च प्रो. नमिता तिवारी सहित विद्या परिषद के सदस्य ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

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