मोदी को गाली देने वाली लड़की पर नोएडा में FIR:CJP के प्रोटेस्ट में जंतर-मंतर पहुंची थी; दावा- मॉल में काम करती है


जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में पीएम मोदी को गाली देने वाली नोएडा की लड़की के खिलाफ जीरो FIR दर्ज हो गई है। यह कार्रवाई नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में गाजियाबाद की वकील स्मृति सिंह चंदेल की शिकायत पर हुई। लड़की की पहचान रुचिका सिंह के रूप में हुई है। गुरुवार शाम 5 बजे स्मृति सिंह ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा- सेक्टर 168 की रहने वाली रुचिका सिंह ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दीं। उसने जानबूझकर ऐसा किया। इससे पीएम की संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची। अब पुलिस प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप की जांच कर रही है। हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनूप खेतान ने भी एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने दावा किया कि रुचिका सिंह वही लड़की है, जिसने 23 जुलाई, 2026 को दिल्ली में पीएम मोदी को गालियां दीं थीं। उन्होंने घटना का वीडियो भी शेयर किया है। लड़की नोएडा के एक मॉल में हेयर कटिंग का काम करती है। देखें सोशल मीडिया पोस्ट की तस्वीर… अब जानिए अनूप खेतान ने वीडियो में क्या कहा अनूप खेतान हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे सीतापुर शहर के मोहल्ला तामसेनगंज के रहने वाले हैं। पूर्व भाजपा सांसद राजेश वर्मा के करीबी बताए जाते हैं। उन्होंने वीडियो में लड़की की फोटो और एफआईआर कॉपी दिखाते हुए कहा- साथियों, गुड न्यूज है। फाइनली एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसका नाम रुचिका है। नोएडा की रहने वाली है। ये उम्र में मेजर है, माइनर नहीं है। आप सबको बता दूं। बहुत ज्यादा डिटेल अभी भी नहीं दे सकता हूं। एफआईआर के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहा हूं। यह आप लोगों की मेहनत का नतीजा है कि फाइनली हम इसे ढूंढ पाए, वहां तक पहुंच पाए। अब हमारा काम यह है कि इस वीडियो को शेयर करना। कमेंट बॉक्स में उत्तर प्रदेश पुलिस और नोएडा पुलिस को टैग करना है कि इससे इस लड़की पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके। पुलिस इसे ढूंढकर गिरफ्तार करे। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने की आजादी है। लेकिन, देश के सर्वोच्च पद प्रधानमंत्री को गालियां देना, आर्मी को गालियां देना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। इस एफआईआर के लिए शेखर चहल भाई को और रोहित शर्मा भाई को भी बहुत-बहुत धन्यवाद। फिलहाल दोनों व्यक्ति कौन हैं, इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। वकील बोलीं- मैं भी मां, नहीं चाहती बच्चे ऐसी भाषा सुनें गाजियाबाद की रहने वाली वकील स्मृति सिंह चंदेल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा- मैं सुप्रीम कोर्ट में वकील हूं। मैंने जंतर-मंतर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। प्रदर्शन के दौरान देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। मैं भी एक मां हूं। मैं नहीं चाहती कि हमारे बच्चे सोशल मीडिया पर ऐसी भाषा सुनें या उसे सामान्य मानकर उसका समर्थन करें। इसी कारण मैंने यह कानूनी कदम उठाया। हम हिंदुस्तान में रहते हैं और संस्कारों में पले-बढ़े हैं। हमें अपनी भाषा में मर्यादा और शालीनता बनाए रखनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति का अपमान करने के लिए गंदी या भद्दी भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। पूरा देश हमें देख रहा है और हमारे व्यवहार से समाज पर प्रभाव पड़ता है। नोएडा पुलिस ने रुचिका सिंह पर BNS की धारा 352, 353(1) और 356(1) में केस दर्ज किया है। जानिए इन धाराओं का मतलब और सजा कितनी हो सकती है। धारा 352 (BNS): किसी का जानबूझकर अपमान करना, जिससे झगड़ा या शांति भंग होने की आशंका हो। इसमें 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
धारा 353(1) (BNS): झूठी या भड़काऊ बात फैलाना, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने या अशांति फैलने का खतरा हो। इसमें 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
धारा 356(1) (BNS): किसी की छवि खराब करने के लिए मानहानि करने वाला बयान देना या प्रकाशित करना। इसमें 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। क्या होती है जीरो एफआईआर जीरो एफआईआर ऐसी एफआईआर होती है, जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है, चाहे घटना उस थाने के इलाके में हुई हो या नहीं। एफआईआर दर्ज होने के बाद संबंधित थाना इसे घटना वाले इलाके के थाने में भेज देता है। इसके बाद वहीं से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य पीड़ित को तुरंत कानूनी मदद देना और एफआईआर दर्ज कराने में देरी न होने देना है। आपत्तिजनक कंटेंट पर दिल्ली पुलिस भी सक्रिय दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए गए कथित आपत्तिजनक कंटेंट के संबंध में भी एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पत्र लिखकर ऐसे कंटेंट को हटाने और उसे पोस्ट करने वाले यूजर्स की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के कंटेंट के प्रसार से प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है तथा इससे कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल प्रभावित होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो सामग्री की भी पड़ताल कर रही हैं। 36 दिन चला CJP का प्रदर्शन, प्रधान के इस्तीफे से खत्म 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बेरोजगारों को लेकर कॉकरोच वाला कमेंट किया। इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी बनी। 6 जून को इसे बनाने वाले अभिजीत दीपके भारत आए। 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे। 36 दिन तक चला यह आंदोलन 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे के बाद खत्म हुआ। प्रधान ने एक बयान में इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा- पिछले 10 दिन की घटनाओं ने उन्हें बहुत दुखी किया है और यह मुद्दा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है। इसके अलावा, छात्रों के साथ अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी 26 दिन की भूख हड़ताल सरकार के आश्वासन के बाद खत्म कर दी थी। …………………… ये खबर भी पढ़िए- राम या रावण…पहला कांवड़िया कौन:4 करोड़ कांवड़िए जल चढ़ाएंगे; यूपी में 8 हजार करोड़ का बिजनेस, कितनी बदली कांवड़ यात्रा सड़कों पर करोड़ों कांवड़िए, तन पर भगवा कपड़े, कंधे पर कांवड़ और जुबान पर बोल बम…। आज से सावन की शुरुआत हो चुकी है। शिवभक्त जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने निकल पड़े हैं। यूपी के शिवालय पूरी तरह सज चुके हैं। देश में सबसे ज्यादा कांवड़िए उत्तर प्रदेश में चलते हैं, फिर उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली का नंबर आता है। पढ़ें पूरी खबर

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