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सीतापुर के विकासखंड गोंदलामऊ इलाके में गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे बाघ के शावक जैसी आकृति दिखाई देने की सूचना से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गई। गोपालपुर पश्चिमी गांव के पास गन्ने के खेत में भूरे रंग के एक जंगली जानवर बाघिन के शावक को देखने का दावा किया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। टीम ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि घटनास्थल पर मिले पगचिह्न बाघ के नहीं हैं, बल्कि डॉग फैमिली के किसी जंगली जीव के प्रतीत हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गोपालपुर पश्चिमी गांव निवासी किसान प्रमोद अपने पुत्र सुजीत के साथ खेत में फसलों की गुड़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सुजीत ने गन्ने के खेत की ओर जाते हुए एक भूरे रंग के जंगली जानवर को देखा, जिसका आकार बाघ के बच्चे जैसा प्रतीत हुआ। सूचना गांव में फैलते ही लोगों में भय का माहौल बन गया। क्षेत्र में पहले से ही दहशत का माहौल है, क्योंकि 14 दिन पहले रसूलवा गांव में कथित बाघिन के हमले में किसान कमल किशोर (53) की मौत हो चुकी है। फॉरेस्ट गार्ड बृजेंद्र यादव अपने सहयोगी अनूप कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मौजूदगी में खेतों का निरीक्षण किया और मिले पगचिह्नों की बारीकी से जांच की। जांच के बाद फॉरेस्ट गार्ड बृजेंद्र यादव ने बताया कि घटनास्थल पर मिले पगचिह्न बाघ के नहीं हैं। उनके अनुसार, बाघ के पंजों के निशान सामान्यतः 8 से 13 सेंटीमीटर तक के होते हैं, जबकि यहां मिले निशानों का आकार करीब 4 सेंटीमीटर पाया गया, जो डॉग फैमिली के किसी जंगली जीव के होने की संभावना दर्शाते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही लोगों को अकेले खेतों में न जाने तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। जल्द ही बाघिन को पकड़ा जाएगा
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बाघ का शावक दिखने की सूचना पर पहुंची टीम:वन विभाग ने डॉग फैमिली के फुट प्रिंट बताए, 14 दिन पहले किसान की हुई थी मौत