एलडीए में AI करेगा टेंडरों की जांच:30 दिन का काम अब 1 दिन में; फर्जी दस्तावेज तुरंत पकड़े जाएंगे


लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने जा रहा है। अब टेंडरों की तकनीकी और वित्तीय जांच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से होगी। इसके लिए इंडिया एआई मिशन के तहत वेब आधारित एप तैयार कराया जाएगा। इससे टेंडर मूल्यांकन में लगने वाला 15 से 30 दिन का समय घटकर महज एक दिन रह जाएगा। मंगलवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर एआई आधारित बिड इवैल्यूएशन सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर हासिल करने की कोशिशों पर रोक लगेगी। एलडीए के अनुसार, एक टेंडर में औसतन 150 से 200 पन्नों के दस्तावेज जमा किए जाते हैं। इनमें तकनीकी योग्यता, अनुभव, वित्तीय स्थिति और अन्य जरूरी प्रमाणपत्र शामिल होते हैं। फिलहाल इनकी मैन्युअल जांच में कई दिन लग जाते हैं, लेकिन एआई एप सभी दस्तावेजों का स्वतः विश्लेषण कर कम समय में रिपोर्ट तैयार करेगा। फर्जी प्रमाणपत्रों की होगी तुरंत पहचान एआई सिस्टम टेंडर की शर्तों के अनुसार जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेगा। यदि किसी फर्म ने फर्जी प्रमाणपत्र, गलत जानकारी या नियमों के विपरीत दस्तावेज लगाए होंगे तो सिस्टम उन्हें तुरंत चिन्हित कर देगा। इससे अपात्र कंपनियों की पहचान आसान होगी और टेंडर प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी। ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि एआई आधारित व्यवस्था से टेंडर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी। सभी बिड का मूल्यांकन तय मानकों के आधार पर होगा, जिससे सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिलेगा। इससे विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और ई-गवर्नेंस व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *