![]()
मेरठ में मेडिकल इंश्योरेंस क्लेम में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए कोतवाली पुलिस ने ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों के नाम से फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और मोहर तैयार कर मेडिकल क्लेम हासिल कराने का खेल चला रहा था। आरोपी के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी ओपीडी पर्चे, विभिन्न अस्पतालों के लेटर पैड, डॉक्टरों व अस्पतालों की मोहरें और भुगतान संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह के जरिए कितने फर्जी क्लेम किए गए और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसएचओ कोतवाली पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 7 मई 2026 को सी-4, शिवलोक कॉलोनी, वेस्टर्न कचहरी रोड निवासी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जगदीप सिंहल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई थी। डॉ. सिंहल ने शिकायत में बताया था कि उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेडिकल इंश्योरेंस क्लेम लिया जा रहा है। उन्होंने अजंता कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल का भी उल्लेख किया, जहां उन्होंने कभी कोई चिकित्सकीय सेवा नहीं दी। इंश्योरेंस कंपनी के फोन से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब 24 मार्च 2026 को एक निजी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की प्रतिनिधि ने डॉ. सिंहल को फोन किया और व्हाट्सएप पर क्लेम से जुड़े दस्तावेज भेजे। इनमें उनकी ओपीडी की पर्ची और फीस की रसीद शामिल थी। दस्तावेज देखकर डॉक्टर हैरान रह गए, क्योंकि वह कभी उस अस्पताल में गए ही नहीं थे और न ही वहां किसी मरीज का उपचार किया था। इसके बाद उन्होंने एसएसपी से शिकायत की, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी गिरफ्तार, कई फर्जी दस्तावेज बरामद
जांच के दौरान मंगलवार को पुलिस ने आरोपी डॉ. दीपक गुप्ता पुत्र स्वर्गीय प्रेम सागर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके कब्जे से बड़ी संख्या में ओपीडी पर्चे, विभिन्न अस्पतालों के लेटर पैड, सात पेमेंट स्लिप, सात अलग-अलग डॉक्टरों की मोहरें तथा दो अस्पतालों की मोहरें बरामद हुईं। पुलिस ने सभी सामान कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कई और मामलों का खुल सकता है राज
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेडिकल इंश्योरेंस कंपनियों से क्लेम कराने का काम कर रहा था। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगा रही है कि कितने डॉक्टरों की पहचान का दुरुपयोग किया गया, कितनी बीमा कंपनियों को चूना लगाया गया और इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। पुलिस करेगी रिकॉर्ड की पड़ताल
पुलिस का कहना है कि बरामद लेटर पैड, मोहरों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों के आधार पर इंश्योरेंस क्लेम के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। संबंधित अस्पतालों और बीमा कंपनियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
Source link
फर्जी लेटर पैड, मोहर, हस्ताक्षर से मेडिकल क्लेम का खेल:पुलिस ने आरोपी दबोचा, अस्पतालों के लेटर पैड, डॉक्टरों की मोहरें और ओपीडी पर्चे बरामद