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लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र से करीब 10 महीने पहले लापता हुए किशोर को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने हरियाणा के यमुनानगर से सकुशल बरामद कर परिजनों से मिलवा दिया। किशोर डिलीवरी बॉय का काम करता था और कंपनी के मैनेजर से वेतन को लेकर विवाद होने के बाद बिना किसी को बताए घर छोड़कर चला गया था। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया तालकटोरा में 2025 में किशोर की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना एएचटीयू को स्थानांतरित कर दी गई। जांच के दौरान पता चला कि किशोर एक डिलीवरी कंपनी में काम करता था। जहां उसका सैलरी को लेकर मैनेजर से विवाद हो गया था। इसके बाद किशोर लखनऊ से घर छोड़कर भाग गया। घर छोड़ने के बाद हरियाणा के यमुनानगर पहुंच गया था। वहां उसने अपनी पहचान छिपाकर बरकत डीलक्स वैष्णो ढाबा पर काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद एएचटीयू टीम ने स्थानीय इंटेलिजेंस, मुखबिर तंत्र और अन्य तकनीकी व स्थानीय सुरागों के आधार पर लगातार तलाश जारी रखी। करीब 10 महीने की मेहनत के बाद टीम ने किशोर की लोकेशन यमुनानगर के एक ढाबे पर ट्रेस कर ली। सूचना की पुष्टि होने पर एएचटीयू ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से किशोर को सकुशल बरामद कर लखनऊ लाया। मेडिकल परीक्षण और अन्य वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर 21 जुलाई को किशोर को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य गुमशुदा बच्चों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाना है।
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10 महीने बाद हरियाणा के ढाबे से मिला लापता किशोर:लखनऊ में वेतन विवाद के बाद घर छोड़कर भागा, पहचान छिपाकर रह रहा था