नई दिल्ली1 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

नीट पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को पहले ही दिन सुनवाई टल गई। सुनवाई के दौरान CBI की ओर से कोई सरकारी वकील मौजूद नहीं था।
इसके बाद कोर्ट ने डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन को CBI का पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील नियुक्त करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आरोपी दिनेश बिवाल व विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई 3 अगस्त तक टाल दी।
यह पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत बनी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की पहली सुनवाई थी। अब NEET पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई इसी कोर्ट में होगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने CBI से जमानत याचिका पर जवाब मांगा था।
पीएम मोदी ने 23 जुलाई को नीट पेपर लीक मामले पर अपना पहला वीडियो जारी करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की जानकारी दी थी। पीएम ने 24 जुलाई और 26 जुलाई को दो और वीडियो मैसेज जारी किए। दोनों में उन्होंने कहा था कि दोषियों पर कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं।
नीट पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी के मुताबिक, पेपर लीक का नेटवर्क शुभम खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तक फैला था। आरोप है कि क्वेश्चन पेपर 10 लाख रुपए में खरीदा गया और बाद में अन्य उम्मीदवारों को भी लाखों रुपए लेकर बेचा गया।
