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नीट यूजी पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन को निर्देश दिया है कि वे सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक सरकारी वकील नियुक्त करें। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ, जिसके बाद स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालिगा ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए टाल दी। यह स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में नीट यूजी पेपर लीक मामले की पहली सुनवाई थी। पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत गठित इस कोर्ट में अब इस मामले से जुड़ी सभी सुनवाई होंगी। आरोपियों की ओर से वकील एपी सिंह पेश हुए। इससे पहले 17 जुलाई को पिछली अदालत ने सीबीआई से आरोपियों की जमानत याचिका पर जवाब मांगा था। 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दिनेश बिवाल और विकास बिवाल भी शामिल हैं। सभी आरोपी 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर बीएनएस, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। पेपर लीक का पूरा नेटवर्क सीबीआई का आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए नीट का प्रश्न पत्र हासिल करने के वास्ते शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, मांगीलाल के मोबाइल फोन से प्रश्न पत्र बरामद किए गए हैं। मांगीलाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में पेपर का सौदा किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि वह राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव के संपर्क में आया था। आरोप है कि शुभम ने सबसे पहले यश को पेपर लीक किया, फिर यश से मांगीलाल, मांगीलाल से विकास और फिर दिनेश बिवाल तक पेपर पहुंचा। इसके अलावा, मांगीलाल पर अन्य उम्मीदवारों को 12 लाख रुपये में पेपर बेचने का भी आरोप है। इससे पहले कोर्ट ने आरोपी यश यादव को 21 जून को नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने और 22 जून को अपनी बहन की शादी में न्यायिक हिरासत में जाने की अनुमति दी थी।
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NEET केस- फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन सुनवाई टली:CBI का पक्ष रखने वाला वकील नहीं मिला; आरोपियों की जमानत पर 3 अगस्त को सुनवाई