9 मिनट पहले
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महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में 19 साल की मेडिकल छात्रा अंकिता सुरेश सांगले ने रविवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने से वह मानसिक तनाव में थी और डॉक्टर बनने का उसका सपना अधूरा रह गया।
वहीं, गुजरात के सूरत में 17 साल के NEET-UG अभ्यर्थी ने परीक्षा से जुड़े तनाव और अनियमितताओं के बीच आत्महत्या कर ली। छात्र के पिता और पेशे से वकील प्रशांत पटेल ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में अच्छा और शांत स्वभाव का था।
पुलिस को सुसाइड नोट मिला
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें छात्रा ने लिखा कि री-एग्जाम में उसे 166 अंक मिले, जबकि कटऑफ 177 अंक था। उसके इस कदम के लिए उसके माता-पिता और भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
अंकिता री-एग्जाम के नतीजे से परेशान थी
परिजनों के मुताबिक, घटना के समय छात्रा अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर उसकी मां ने दरवाजा खोला, जहां वह मृत मिली।
अंकिता ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पिता सुरेश सांगले ने बताया कि अंकिता ने नीट की अच्छी तैयारी की थी और शुरुआती परीक्षा में उसके अच्छे अंक आए थे। हालांकि, परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद हुए री-एग्जाम के नतीजे से वह काफी परेशान थी।
प्रशांत बोले – पेपर लीक की खबर के बाद तनाव में रहने लगा
प्रशांत पटेल ने बताया कि 12 मई को कोचिंग क्लास के दौरान बेटे को NEET-UG पेपर लीक की खबर मिली। इसके बाद वह तुरंत सूरत से अहमदाबाद पहुंचा। उसने पहले ही अपनी किताबें जूनियर को दे दी थीं, क्योंकि वह दो-तीन महीने का ब्रेक लेने की योजना बना रहा था। लेकिन पेपर लीक की खबर के बाद उसने कहा, मुझे अपनी किताबें वापस लेनी हैं।
प्रशांत पटेल के मुताबिक, पेपर लीक की खबर के बाद उनका बेटा मानसिक तनाव में रहने लगा था। उसके व्यवहार में भी बदलाव आने लगा था, जिसके बाद यह दुखद घटना हुई।
