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कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर लखनऊ में शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पर्वतीय महापरिषद ने गोमती नगर विस्तार स्थित पर्वतीय भवन से शनिवार रात्रि 8 बजे कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च कारगिल युद्ध के अमर बलिदानियों को नमन करने के लिए आयोजित किया गया था। यह कैंडल मार्च पर्वतीय भवन से शुरू होकर गेट नंबर 1 होते हुए वापस भवन पर समाप्त हुईं । इस दौरान सैनिकों के सम्मान में नारे लगे और लोगों के हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां थीं। सैनिक प्रकोष्ठ के नेतृत्व में आयोजित इस श्रद्धांजलि समारोह में बड़ी संख्या में रिटायर्ड सैनिकों और शहीद परिवारों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। महिलाओं को सम्मानित किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड मेजर जनरल राजीव पंत ने अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए महिलाओं को सम्मानित किया। समारोह में शहीद हरेंद्र सिंह देवपा की पत्नी नंदी देवी, शहीद लक्ष्मण सिंह की पत्नी शांति देवी, शहीद अमरजीत कुमार की पत्नी शोभा देवी और शहीद दर्शन पाल की पत्नी आनंदी देवी पाल का नागरिक अभिनंदन किया गया। गोवर्धन भट्ट और 17 कुमाऊं रेजिमेंट के रिटायर्ड पूर्व सैनिक रूप सिंह बिष्ट ने कारगिल में मिली ऐतिहासिक जीत को याद किया। उन्होंने बताया कि इस विशेष मौके पर पूरे लखनऊ से एकत्र हुए लोगों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों ने वीरों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर अपनी भावांजलि दी। इन लोगों ने कैंडल मार्च में लिया हिस्सा महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी और महासचिव महेंद्र सिंह रावत ने अमर शहीदों को नमन किया। ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, शहीदों का नाम रहेगा’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे उद्घोषों के बीच समाज के हर वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। महापरिषद के महिला, सैनिक, युवा, धार्मिक, साहित्यिक और चिकित्सा प्रकोष्ठ के सदस्यों ने संयोजक के. एन. चंदोला, प्रभारी जी.डी भट्ट, अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह धामी और महासचिव हरीश चंद्र जोशी की अगुआई में कैंडल मार्च का नेतृत्व किया।
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कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर शहीदों को श्रद्धांजलि:लखनऊ में कैंडल मार्च निकालकर अमर बलिदानियों को किया गया याद