सहारनपुर में पेपर लीक को लेकर भीम आर्मी का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, रामलीला मैदान में जुटे कार्यकर्ता, कलेक्ट्रेट कूच की चेतावनी; भारी पुलिस बल तैनात


सहारनपुर में पेपर लीक के विरोध में भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन को देखते हुए रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि प्रशासन की ओर से उन्हें रामलीला मैदान पर ही ज्ञापन देने के लिए कहा गया। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत चलती रही। भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों को बार-बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की। राष्ट्रपति के नाम तैयार ज्ञापन में जंतर-मंतर पर बल प्रयोग के आदेश देने वाले अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक करने, पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने, पिछले सात वर्षों के सभी पेपर लीक मामलों की जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाए। उधर, भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शन से पहले ही संगठन के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। उनका कहना है कि भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत कई पदाधिकारियों को सुबह से ही उनके घरों पर नजरबंद रखा गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। रामलीला मैदान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और प्रशासन से कलेक्ट्रेट जाकर ज्ञापन देने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।

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