पुष्पेंद्र कुमार तिवारी | बलिया7 मिनट पहले
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बलिया की एक अदालत ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अविनाश सिंह उर्फ गोधन और ताहिर अंसारी को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह फैसला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर अभियुक्तों को दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि 14 नवंबर 2020 को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय अपनी टीम के साथ थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर अभियुक्तों अविनाश सिंह उर्फ गोधन (निवासी सिसवारकला, थाना नगरा) और ताहिर अंसारी (पुत्र निजामुद्दीन अंसारी, निवासी नई बाजार, थाना टाउन, जनपद बक्सर, बिहार) के कब्जे से 1 किलो 900 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था।
इस बरामदगी के आधार पर थाना नगरा पुलिस ने नियमानुसार विधिक कार्यवाही की थी। इस मामले में अभियोजन अधिकारी कुंज बिहारी गुप्ता ने पैरवी की।
