Anantnag Terrorist House Demolition | Lashkar-e-Taiba Operation J&K

श्रीनगर4 मिनट पहलेलेखक: रऊफ डार

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जिन दो आतंकियों के मकान गिराए गए, उनमें आदिल ठोकर और हारून गनई शामिल है। - Dainik Bhaskar

जिन दो आतंकियों के मकान गिराए गए, उनमें आदिल ठोकर और हारून गनई शामिल है।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रशासन ने गुरुवार को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो आतंकियों के घर IED लगाकर ध्वस्त कर दिए। यह कार्रवाई लाल चौक में पुलिस बल के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या के एक दिन बाद की गई।

अधिकारियों के मुताबिक, जिन आतंकियों के मकान गिराए गए उनमें बिजबेहड़ा के गुरी गांव निवासी आदिल ठोकर और हसनपोरा निवासी हारून गनई शामिल है।

मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कॉन्स्टेबल कुरैशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में ये दोनों आतंकी भी शामिल थे। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग स्थित लाल चौक पर आतंकियों ने इस कायराना वारदात को अंजाम दिया था।

आदिल ठोकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा है।

आदिल ठोकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा है।

हारून गनई हिजबुल मुजाहिदीन (HM) से जुड़ा हुआ है।

हारून गनई हिजबुल मुजाहिदीन (HM) से जुड़ा हुआ है।

अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे कुरैशी

भारतीय रिजर्व पुलिस और एसओजी (SOG) से जुड़े हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रुकी हुई थी।

दोपहर करीब 12:30 बजे आतंकियों ने आतंकियों ने उन्हें बहुत करीब से निशाना बनाया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलियां चलीं। हमले के बाद आतंकी भाग गए।

इस दौरान हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहीद जवान आशिक हुसैन के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं।

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

आतंकी हमले में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी बडगाम के निवासी थे।

आतंकी हमले में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी बडगाम के निवासी थे।

दोनों 2018 से सक्रिय बताए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आदिल ठोकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा है, जबकि मौजूदा खुफिया जानकारी के मुताबिक हारून गनई हिजबुल मुजाहिदीन (HM) से संबद्ध है। हालांकि, एक अन्य अधिकारी के बयान में दोनों को LeT का आतंकी बताया गया है।

आदिल ठोकर 2018 में पंजाब के अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गया था। वहां उसने आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण लिया और पिछले वर्ष किसी समय फिर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर लौट आया।

हमले के बाद सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे कश्मीर घाटी में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2,000 से अधिक ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) को हिरासत में लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई आतंकियों और उनके समर्थन तंत्र के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। वहीं, अनंतनाग समेत कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा बल उन सभी तत्वों की पहचान कर रहे हैं, जो आतंकियों को रहने का ठिकाना, आर्थिक मदद, ट्रांसपोर्ट और संचार जैसी सुविधाएं मुहैया कराते हैं।

पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में हाल की दो आतंकी घटनाएं

1. 18 जुलाई: राजौरी LoC पर घुसपैठ की कोशिश

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर 17 जुलाई की रात संदिग्ध गतिविधि देख भारतीय सेना ने फायरिंग की। अधिकारियों के मुताबिक, तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में रात करीब 10 बजे सैनिकों ने कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधि देखी, जिसके बाद फायरिंग की गई।

अधिकारियों ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी हुई। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। सेना का मानना है कि संदिग्ध आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

2. 8 जुलाई : शोपियां लश्कर कमांडर जाकिर अहमद ढेर

सुरक्षाबलों ने शोपियां में मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया। वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी 14 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था। ऑपरेशन सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त रूप से चलाया था।

———— कॉन्स्टेबल की हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

अनंतनाग में आतंकी हमला, हेड कॉन्स्टेबल की मौत:अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात थे

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लाल चौक इलाके में बुधवार को आतंकियों ने पुलिस पर हमला किया। इसमें हेड कॉन्स्टेबल (35 साल) की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक दोपहर करीब 12:30 बजे आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर अचानक फायरिंग की। पूरी खबर पढ़ें…

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