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जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को 11:30 बजे मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा इन वर्गों के विरुद्ध लगातार जातिसूचक, अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। इससे समाज के वंचित वर्गों में गहरा आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति या समाज को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करना संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को कथित तौर पर धमकाने, प्रताड़ित करने, उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने और जातिसूचक टिप्पणियां करने का उल्लेख किया गया है। इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर समाज में वैमनस्य फैलाने जैसी घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
एसबीएसपी ने मांग की है कि ऐसे प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और राजनीतिक प्रभाव या पद की परवाह किए बिना दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने जातिसूचक एवं भेदभावपूर्ण टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई और गरीब एवं वंचित वर्गों के उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के सम्मान, सुरक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई है। साथ ही, समाज में जातिवादी मानसिकता के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की गई है।
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एसबीएसपी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा:पिछड़े, दलितों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग