Shankar Purwa Garbage Crisis | Sewer Overflow & Civic Negligence

शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड में सीवर, कूड़ा और बदहाल तालाब से लोग परेशान हैं। सबसे बड़ी समस्या सीवर ओवरफ्लो की है। हालात ऐसे हैं कि स्वेज इंडिया को सीवर का पानी पाइप के जरिए सीधे नालियों में छोड़ना पड़ रहा है। वहीं नियमित कूड़ा न उठने से खाली प्लॉट कूड़ा

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दूसरी ओर, गायत्रीपुरम फूल बाग स्थित अभिनव पार्क में करीब 4.5 करोड़ रुपए की लागत से बना एसटीपी निर्माण के बाद सिर्फ एक दिन ही संचालित हो सका। पूर्व नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन द्वारा लोकार्पित तालाब भी बदहाली का शिकार है। बरसात का पानी पहुंचाने की व्यवस्था न होने से तालाब केवल शोपीस बनकर रह गया है।

दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम लखनऊ नगर निगम के शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड- 42 पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की।

पहले वार्ड की ग्राउंड रियलिटी की तस्वीरें-

शंकरपुरवा में सफाई न होने से नाला लबालब भरा है।

शंकरपुरवा में सफाई न होने से नाला लबालब भरा है।

नगर निगम की ओर से रखी गई पानी की टंकी बदहाल हो गई है।

नगर निगम की ओर से रखी गई पानी की टंकी बदहाल हो गई है।

नालियों से सीवर लाइन जोड़ दी गई है। नालियां उफना रही हैं। सड़कों पर गंदा पानी भरा है।

नालियों से सीवर लाइन जोड़ दी गई है। नालियां उफना रही हैं। सड़कों पर गंदा पानी भरा है।

वार्ड की 3 मुख्य समस्याएं…

शोपीस बना एसटीपी

पूरे वार्ड में बरसाती नालियों में सीवर का गंदा पानी तैर रहा है, लेकिन वार्ड के गायत्रीपुरम स्थित एसटीपी जर्जर हो रहा है। इसमें बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। नगर निगम की तरफ से इसे साढ़े चार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तैयार कराया गया था। बावजूद इसके, यह एसटीपी सिर्फ एक दिन ही संचालित हो पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एसटीपी चालू नहीं होने से गंदे पानी का शोधन नहीं हो रहा है। पिछले साल यहां एक बच्चे की एसटीपी टैंक में गिरने से मौत हो गई थी। यहां नगर निगम के अधिकारी एसटीपी का संचालन कराने के लिए कोई प्रयास भी नहीं कर रहे हैं। बच्चों या अन्य लोगों के एसटीपी के आसपास न पहुंचें, इसके लिए चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं।

सीवर ओवरफ्लो की समस्या

एसवीपी इंटर कॉलेज के सामने वाली सड़क पर दो फीट तक पानी भर जाता है। नाले का पानी बैक मारने और सीवर ओवरफ्लो होने से आसपास के घरों में गंदा पानी भर जाता है। क्षेत्र के लगभग हर मोहल्ले और गली में बरसाती नालियों में सीवर का गंदा पानी बहता रहता है। लेन नंबर-5, कंचना विहारी मार्ग, आदिलनगर में हैदराबाद बेकरी के पास सीवर का गंदा पानी जमा रहता है। दुर्गंध के बीच रहना बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हैदराबाद बेकरी समेत आसपास के कई स्थानों पर नालियों पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर लिया गया है। इसके कारण नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती।

खाली प्लाटों में कूड़ा खराब सफाई आदिल नगर, अलकापुरी, गायत्रीपुरम, राम कृष्ण पूरम, विजय कुंज कालोनी, बजरंग नगर, प्रगति बिहार, कन्हैयानगर में खाली प्लाटों में कूड़ा पड़ा हुआ है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति भी खराब बनी हुई है। LSA की तरफ से सड़क की सफाई सही ढंग से नहीं की जाती है। सप्ताह में एक दिन झाड़ू लगाने का आरोप स्थानीय लोगाें ने लगाया है आदिल नगर ट्यूबवेल के पास स्थित खाली प्लॉट में कूड़े का ढेर है। यहां पर कूड़ा पड़ा रहता है। दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कूड़ा गाड़ियां समय पर नहीं आती हैं। पूरे इलाके को कवर भी नहीं करती हैं। ऐसे में लोग खुले में कूड़ा फेंकते हैं।

सीवर ने बढ़ाई आफत

मुनीर खान लेन नंबर 5 कंचना विहारी मार्ग आदिल नगर में रहने वाले मुनीर खान बताते हैं कि सीवर के पानी की निकासी नहीं होती है। इससे जलभराव होता है। गंदे पानी और दुर्गंध के कारण लोग परेशान रहते हैं। मामले में सेनेटरी इंस्पेक्टर जाेनल अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।

लगातार लिख रहा हूं। लेकिन कोई काम नहीं हो रहा है। इससे समस्या बढ़ रही है। इंजीनियरिंग विभाग को चाहिए इसका काम जल्दी से करे। हम लोग यहां पर 20 साल से रह रहे हैं। तब से यही हालात हैं। मंजू देवी का कहना है कि इलाके में सीवर की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है।

सीवर लाइन सही तरीके से जुड़ी नहीं होने के कारण बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे साल सीवर का गंदा पानी जमा रहता है। नगर निगम की टीम शिकायत पर बांस लेकर आती है, औपचारिक सफाई कर लौट जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। उनका कहना है कि पिछले पांच वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है।

पार्षद बोले- हर दो सौ मीटर पर सीवर का पानी नालियों में जा रहा

पार्षद शिवम उपाध्याय के पति एवं प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने बताया कि वे लगातार जनता के बीच रहते हैं और लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक ने कामाख्या मंदिर और धर्म कांटा क्षेत्र में दो बार जनसुनवाई शिविर लगाकर सीवर की समस्या सुनी है। इस संबंध में मेयर से भी बातचीत कर उन्हें क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया है।

दीपक तिवारी का आरोप है कि स्वेज इंडिया स्थायी समाधान करने के बजाय केवल एक जगह का सीवर का पानी दूसरी जगह मोड़कर काम चला रही है। उन्होंने कहा कि मूल समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। हालत यह है कि लगभग हर 200 मीटर पर सीवर का गंदा पानी नालियों में छोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि इसी तरह अस्थायी व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है, जबकि स्थायी समाधान की जरूरत है।

  • नगर निगम का हेल्पलाइन नंबर : पाइप लाइन में लीकेज, गंदे पानी की सप्लाई होने पर नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दी जा सकती है। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर- 8177054100, 8177054003, 8177054010 पर कॉल करना होगा।
  • अपने वॉर्ड की कवरेज और समस्याओं की जानकारी देने के लिए वॉट्सएप नंबर- 9452909661 पर मैसेज कीजिए।

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