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प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले बुधवार सुबह जिला प्रशासन ने कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की। सुबह 9 बजे से ही स्थानीय पुलिस विभिन्न नेताओं के आवासों पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। यह कार्रवाई अंबेडकर चौराहे पर जनसमस्याओं और सरकारी नीतियों के विरोध में सपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का प्रयास कर रही है। सपा नेताओं ने एक बयान जारी कर कहा कि नेताओं को हाउस अरेस्ट किया जाना दर्शाता है कि सरकार डरी हुई है और लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सपा नेताओं ने प्रतापगढ़ में कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी ने प्रशासन की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इसका विरोध करती है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी हमेशा जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है।
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प्रतापगढ़ में सपा नेताओं को नजरबंद किया:प्रशासन के खिलाफ नाराजगी, कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया