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जौनपुर में ऐतिहासिक चेहलुम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में सोमवार को एक संगठन ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम 2 और 3 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। संगठन ने प्रशासन से चेहलुम के दौरान आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जौनपुर का चेहलुम हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके परिवार की शहादत की याद में सैकड़ों वर्षों से मनाया जाता रहा है। ‘शिराज-ए-हिंद’ के नाम से प्रसिद्ध जौनपुर का यह चेहलुम पूरे देश में एक विशेष स्थान रखता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होकर इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। कार्यक्रम का आरंभ 2 अगस्त को रात 8 बजे इमाम चौक पर ताजिया रखने के साथ होगा। इसके बाद शब्बेदारी के लिए एक मजलिस का आयोजन किया जाएगा। मजलिस की समाप्ति पर जौनपुर नगर और बाहर से आई अंजुमनों द्वारा नौहा व मातम पूरी रात चलता रहेगा।अगले दिन, 3 अगस्त को सुबह 5 बजे एक और मजलिस होगी। इसके उपरांत अंजुमन गुलशने इस्लाम द्वारा आग में दहकती जंजीरों का मातम किया जाएगा, जो इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।दोपहर 1 बजे से दूसरे दिन का मुख्य कार्यक्रम मजलिस के साथ शुरू होगा। मजलिस की समाप्ति पर इमामबाड़े से एक ऐतिहासिक तुर्बत निकाली जाएगी। यह तुर्बत ताजिये के साथ एक भव्य जुलूस के रूप में पानदरीबा रोड, हमाम दरवाजा, काजी की गली, पुरानी बाजार होते हुए सदर इमामबाड़ा, जौनपुर पर समाप्त होगी।संगठन ने प्रशासन से पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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जौनपुर में ऐतिहासिक चेहलुम की तैयारियां शुरू:2 और 3 अगस्त को होगा आयोजन, प्रशासन से सुविधाओं की मांग