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कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव में एक दलित परिवार ने दबंगों पर घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं से अभद्रता, निर्माणाधीन दीवार गिराने और चोरी का आरोप लगाया है। इस घटना में एक निलंबित लेखपाल की मौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित रामनाथ के अनुसार, उन्होंने न्यायालय के आदेश और प्रशासन की अनुमति के बाद अपनी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया था। रसूलाबाद की एसडीएम शिखा शंखवार ने निर्माण की अनुमति दी थी और पुलिस को भी इस संबंध में आदेश भेजा गया था। इसके बावजूद, 16 जुलाई की शाम करीब सात बजे कई लोग कार और वैन से मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि विरोध करने पर दबंगों ने हॉकी, डंडों और तमंचे के बल पर हमला कर दिया। रामनाथ के सिर पर वार किया गया, जिससे वह घायल हो गए। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। वही बुजुर्ग महिला की आंख में इतनी चोट हैकि आंख फूटने से बची इसके साथ ही महिलाओं के साथ अभद्रता करने के भी आरोप है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जाते समय आरोपियों ने उनकी निर्माणाधीन दीवार भी गिरा दी और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के दौरान रसूलाबाद तहसील के कानूनगो अनिल कठेरिया और निलंबित लेखपाल अजय वर्मा भी मौके पर मौजूद थे। वे ‘मजिस्ट्रेट’ लिखी सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। परिवार का दावा है कि दोनों अधिकारियों ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही धमकाया, जिसके बाद दबंगों ने निर्माणाधीन दीवार ढहा दी।
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दलित परिवार की दीवार ढहाने का आरोप:कानपुर देहात में मजिस्ट्रेट की गाड़ी में पहुंचे निलंबित लेखपाल पर विवाद