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उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और रखरखाव में होने वाले फर्जीवाड़े तथा धांधली पर अंकुश लगाने के लिए ‘विश्वकर्मा पोर्टल’ को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब जनपद की प्रत्येक सड़क का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। दशकों से चली आ रही अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से होने वाली मनमानी और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में यह पहल सहायक होगी। अक्सर सड़कों के निर्माण को लेकर शिकायतें आती थीं, जहां कागजों पर काम दिखाकर सरकारी धन निकाल लिया जाता था। ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से सड़कों का निर्माण केवल कागजों पर दिखाकर सरकारी धन का गबन कर लिया जाता था। इसके अलावा, एक ही सड़क के निर्माण का भुगतान एक से अधिक बार निकालना या पुरानी सड़क का नवीनीकरण दिखाकर बजट हड़पने जैसी अनियमितताएं भी आम थीं। कई बार एक ही सड़क के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा धन का आवंटन करवाने का खेल भी चलता था। ‘विश्वकर्मा पोर्टल’ इन सभी प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाएगा। बुधवार को एडीएम सिटी सत्यम मिश्र ने कलेक्ट्रेट स्थित संगम सभागार में पीडब्ल्यूडी सहित सभी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि ‘विश्वकर्मा पोर्टल’ जीआईएस (GIS) तकनीक पर आधारित होगा। इसके तहत जिले की प्रत्येक सड़क को जियो-मैपिंग के माध्यम से पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे सड़क की वास्तविक स्थिति, उसकी लंबाई, चौड़ाई और वर्तमान दशा का एक सटीक डिजिटल नक्शा तैयार हो सकेगा। अब किसी भी सड़क के नव-निर्माण, चौड़ीकरण या नवीनीकरण के लिए संबंधित विभाग को पहले ‘रोड कोड’ प्राप्त करना होगा। इस कोड के बिना कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किया जाएगा। इस पारदर्शी डेटाबेस के कारण एक ही सड़क के लिए बार-बार धन आवंटन करना असंभव हो जाएगा, जिससे वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी। बैठक में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण और जल निगम के अधिकारियों को निर्धारित एसओपी (SOP) का पालन करने के निर्देश दिए गए। पीडब्ल्यूडी को इस परियोजना के लिए नोडल बनाया गया है। एडीएम ने कहा कि पोर्टल पर सड़कों का विवरण दर्ज करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सड़कों के निर्माण में होने वाला फर्जीवाड़ा पकड़ेगा 'विश्वकर्मा पोर्टल':हर सड़क का रखा जाएगा डिजिटल हिसाब-किताब, जारी होगा रोड कोड